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राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’, सीरिया में ISIS के 35 ठिकानों पर भीषण बमबारी

Saransh Kanaujia
3 Min Read

वाशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को कड़ा करते हुए सीरिया में सक्रिय आतंकी संगठन ISIS के खिलाफ निर्णायक युद्ध का बिगुल फूंक दिया है। राष्ट्रपति के निर्देश पर अमेरिकी वायुसेना ने ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ (Operation Hawkeye Strike) के तहत सीरिया के रेगिस्तानी इलाकों में छिपे आतंकियों पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया है।

90 से अधिक मिसाइलों से दहला ISIS का गढ़

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, शनिवार को सीरिया के मध्य और पूर्वी हिस्सों में ISIS के 35 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस कार्रवाई में 90 से अधिक सटीक मार करने वाले हथियारों (Precision Munitions) का उपयोग किया गया।

हमले के मुख्य बिंदु:

  • हवाई ताकत: हमले में अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल, A-10 थंडरबोल्ट और घातक AC-130J गनशिप ने हिस्सा लिया।

  • सहयोगी राष्ट्र: इस मिशन में जॉर्डन की वायुसेना ने भी अमेरिका के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बमबारी की।

  • नुकसान: प्राथमिक रिपोर्टों के अनुसार, ISIS के कई ट्रेनिंग कैंप, हथियार डिपो और कमांड सेंटर्स पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं।

पलमायरा हमले का प्रतिशोध

यह सैन्य अभियान 13 दिसंबर 2025 को सीरिया के पलमायरा (Palmyra) में हुए एक आत्मघाती हमले की जवाबी कार्रवाई है। उस हमले में दो अमेरिकी सैनिकों और एक सिविलियन कॉन्ट्रैक्टर की जान चली गई थी। राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अमेरिकी खून बहाने वालों को “नरक का सामना” करना पड़ेगा।

“हमने ISIS को एक स्पष्ट संदेश दे दिया है। अगर आप हमारे सैनिकों को निशाना बनाएंगे, तो हम आपको दुनिया के किसी भी कोने से ढूंढ निकालेंगे और खत्म कर देंगे। अमेरिका अब पीछे हटने वाला नहीं है।”

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

क्षेत्रीय स्थिरता और भविष्य की रणनीति

विशेषज्ञों का मानना है कि ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ न केवल ISIS की कमर तोड़ने के लिए है, बल्कि यह क्षेत्र में अमेरिकी प्रभुत्व को फिर से स्थापित करने का एक संकेत भी है। सीरिया में गृहयुद्ध और अस्थिरता के बीच, अमेरिकी सेना ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

पेंटागन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में यह हवाई हमले और तेज हो सकते हैं, जब तक कि ISIS की परिचालन क्षमता पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाती।

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