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ED बनाम पश्चिम बंगाल सरकार: जांच में बाधा डालने का आरोप, सुप्रीम कोर्ट पहुंची प्रवर्तन निदेशालय

Saransh Kanaujia
3 Min Read

कोलकाता. प्रवर्तन निदेशालय (ED) और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच चल रहा टकराव अब देश की सर्वोच्च अदालत की दहलीज पर पहुंच गया है। ED ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य प्रशासन पर जांच में गंभीर बाधा डालने का आरोप लगाया है। एजेंसी ने चुनावी रणनीतिकार संस्था आई-पैक (I-PAC) से जुड़े मामले की जांच CBI को सौंपने की मांग की है।

मुख्य आरोप: “सबूतों के साथ हुई छेड़छाड़”

ED ने अपनी याचिका में 8 जनवरी, 2026 को कोलकाता में हुई छापेमारी का हवाला दिया है। एजेंसी के अनुसार:

  • हस्तक्षेप का आरोप: आई-पैक के निदेशक प्रतीक जैन के आवास और कार्यालय पर छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कथित तौर पर मौके पर पहुंचकर जांच प्रक्रिया को बाधित किया।

  • दस्तावेजों की जब्ती: ED का दावा है कि मुख्यमंत्री और राज्य पुलिस ने उनके द्वारा जब्त किए गए डिजिटल डिवाइस और संवेदनशील दस्तावेज जबरन छीन लिए।

  • हवाला कनेक्शन: एजेंसी कोयला तस्करी मामले से जुड़े लगभग ₹20 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन की जांच कर रही है, जिसके तार आई-पैक से जुड़े होने का संदेह है।

CBI जांच की मांग क्यों?

ED का तर्क है कि जिस मामले में राज्य की मुख्यमंत्री और पूरी मशीनरी सीधे तौर पर हस्तक्षेप कर रही हो, वहां स्थानीय पुलिस या प्रशासन के साथ मिलकर निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। इसलिए, एजेंसी ने मांग की है कि साक्ष्यों की चोरी और जांच में बाधा डालने के इस पूरे प्रकरण की जांच CBI (केंद्रीय जांच ब्यूरो) द्वारा की जाए।

बंगाल सरकार का पलटवार

दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट (Caveat) दाखिल की है, ताकि अदालत ED की याचिका पर कोई भी एकतरफा आदेश पारित करने से पहले राज्य का पक्ष सुने। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इसे केंद्र सरकार द्वारा जांच एजेंसियों का ‘राजनीतिक दुरुपयोग’ करार दिया है।

आगे क्या?

कलकत्ता हाई कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 14 जनवरी तक टाल दी थी, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए ED ने तुरंत सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। अब सबकी नजरें सर्वोच्च न्यायालय पर टिकी हैं कि क्या वह इस हाई-प्रोफाइल मामले में CBI हस्तक्षेप की अनुमति देता है या नहीं।

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