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हरिद्वार में ‘लव जिहाद और जासूसी’ जैसा मोड: बांग्लादेशी सालेहा बेगम बनी ‘श्रुति’, फर्जी पासपोर्ट के साथ गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
4 Min Read

हरिद्वार | शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026

उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार में पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के एक बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक बांग्लादेशी महिला और उसके भारतीय साथी को गिरफ्तार किया है, जो पिछले कई महीनों से पहचान छिपाकर हिंदू नाम से शहर में रह रहे थे। इस खुलासे के बाद खुफिया एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं, क्योंकि मामला केवल अवैध प्रवास का नहीं, बल्कि फर्जी तरीके से भारतीय पासपोर्ट हासिल करने का भी है।

सोशल मीडिया से शुरू हुई कहानी और ‘श्रुति’ का सच

पुलिस जांच में पता चला है कि गिरफ्तार महिला का असली नाम सालेहा बेगम है, जो मूल रूप से बांग्लादेश की रहने वाली है। सालेहा साल 2023 में अवैध तरीके से सीमा पार कर भारत में दाखिल हुई थी।

पूछताछ में सामने आया कि फेसबुक के जरिए सालेहा की मुलाकात छत्तीसगढ़ के रहने वाले श्यामदास से हुई थी। प्यार का झांसा और भारत में बसने की चाहत में सालेहा ने बांग्लादेश में अपने पहले पति को छोड़ दिया और दिल्ली आ गई। यहां उसने अपनी पहचान पूरी तरह बदल ली और नया नाम ‘श्रुति’ रख लिया।

फर्जी दस्तावेजों का मकड़जाल: ऐसे बना भारतीय पासपोर्ट

इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि आरोपियों ने सरकारी तंत्र की आंखों में धूल झोंककर लगभग सभी महत्वपूर्ण भारतीय पहचान पत्र बनवा लिए थे।

  • दस्तावेजों की लिस्ट: आरोपियों के पास से फर्जी पैन कार्ड, आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बरामद हुए हैं।

  • शादी का सर्टिफिकेट: इन फर्जी आईडी के आधार पर उन्होंने शादी का प्रमाण पत्र भी बनवाया।

  • भारतीय पासपोर्ट: इन्हीं दस्तावेजों का उपयोग कर सालेहा ने भारतीय पासपोर्ट भी हासिल कर लिया, जो देश की सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी चूक मानी जा रही है।

“तलाशी के दौरान पुलिस को महिला के पास से उसका असली बांग्लादेशी पासपोर्ट और नागरिकता संबंधी दस्तावेज भी मिले हैं। इन्ही सबूतों ने महिला के झूठ की पोल खोल दी।”

वीजा खत्म होने के बाद भी अवैध प्रवास

सालेहा के पास भारत का वैध वीजा नहीं था और जो अस्थायी दस्तावेज थे, उनकी अवधि बहुत पहले समाप्त हो चुकी थी। बावजूद इसके, वह श्यामदास के साथ मिलकर हरिद्वार के एक किराए के मकान में छिपकर रह रही थी। स्थानीय पुलिस को संदेह है कि यह जोड़ा किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है जो अवैध प्रवासियों को भारतीय पहचान दिलाने में मदद करता है।

पुलिस की कार्रवाई और आगामी जांच

हरिद्वार पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विदेशी अधिनियम (Foreigners Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं (जालसाजी और धोखाधड़ी) के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।

आगे क्या होगा?

  1. नेटवर्क की तलाश: पुलिस अब उन ‘मास्टरमाइंड्स’ को खोज रही है जिन्होंने इन फर्जी दस्तावेजों को तैयार करने में मदद की।

  2. खुफिया इनपुट: आईबी (IB) और अन्य एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या सालेहा का उद्देश्य केवल यहां बसना था या इसके पीछे कोई संदिग्ध गतिविधि शामिल थी।

  3. वेरिफिकेशन अभियान: इस घटना के बाद हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में किराएदारों के सत्यापन (Verification) अभियान को और तेज कर दिया गया है।

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