पटना । सोमवार, 7 सितंबर 2026
केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के संरक्षक जीतन राम मांझी की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती कराया गया है। सांस लेने में तकलीफ और तेज बुखार की शिकायत के बाद उन्हें आपातकालीन विभाग से रात में गहन चिकित्सा कक्ष (ICU) में स्थानांतरित किया गया। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है।
शाम को पहुंचे इमरजेंसी, रात में ICU में किए गए शिफ्ट
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार शाम लगभग 5 बजे जीतन राम मांझी को एम्स के इमरजेंसी वार्ड में लाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने रात 9 बजे उन्हें ICU में भर्ती करने का निर्णय लिया।
चिकित्सकों की टीम आवश्यक जांच कर रही है। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, उन्हें डेंगू होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके लिए विशेष ब्लड टेस्ट कराए गए हैं। हालांकि, एम्स प्रशासन की ओर से विस्तृत मेडिकल बुलेटिन का इंतजार है।
पहले भी बिगड़ी थी तबीयत
हाल के दिनों में जीतन राम मांझी का स्वास्थ्य उतार-चढ़ाव भरा रहा है। इससे पहले पटना के मेदांता अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। स्थिति में सुधार के बाद उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया था, लेकिन दिल्ली लौटने पर दोबारा बुखार और श्वसन संबंधी परेशानियां उत्पन्न हो गईं।
उनके अस्वस्थ होने की खबर मिलते ही समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों में चिंता की लहर दौड़ गई है। कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. जीतन राम मांझी को किस अस्पताल में भर्ती कराया गया है?
उन्हें नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के ICU वार्ड में भर्ती कराया गया है।
2. जीतन राम मांझी को क्या स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं?
उन्हें तेज बुखार और सांस लेने में परेशानी की शिकायत है। डॉक्टरों को डेंगू की भी आशंका है।
3. जीतन राम मांझी किस केंद्रीय मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे हैं?
वे भारत सरकार में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह समाचार प्रारंभिक रिपोर्टों और अस्पताल सूत्रों से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। आधिकारिक चिकित्सकीय स्थिति के संबंध में AIIMS के मेडिकल बुलेटिन का इंतजार है।

