बुरहानपुर: धर्मांतरण की शिकायतों पर प्रशासन सख्त; नेपानगर और खकनार क्षेत्रों में बढ़ी निगरानी

Saransh Kanaujia
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भोपाल. मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में पिछले कुछ महीनों से धर्मांतरण की कोशिशों और इससे जुड़ी झड़पों की खबरें चर्चा में हैं। ताजा मामला जिले के नेपानगर और ग्रामीण अंचलों से सामने आया है, जहाँ कथित अवैध धर्मांतरण को लेकर स्थानीय संगठनों और ग्रामीणों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

ताजा घटनाक्रम: नेपानगर के ग्राम बाकड़ी में हंगामा

बीते कल (1 जनवरी, 2026) जिले के नेपानगर थाना क्षेत्र के ग्राम बाकड़ी में धर्मांतरण के संदेह में हिंदू संगठनों ने जमकर हंगामा किया। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुँचा और स्थिति को नियंत्रित किया। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ बाहरी लोग क्षेत्र में प्रलोभन देकर धार्मिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस वर्तमान में मामले की जांच कर रही है और संदिग्धों से पूछताछ जारी है।

पिछली प्रमुख घटनाएं और पुलिस की कार्रवाई

  • हैदरपुर मामला: कुछ समय पूर्व ग्राम हैदरपुर में धर्मांतरण करवाने के आरोप में ग्रामीणों ने 6 लोगों (4 पुरुष और 2 महिलाएं) को रंगे हाथों पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। आरोप था कि ये लोग बीमारी ठीक करने और प्रार्थना के नाम पर धर्मांतरण का प्रयास कर रहे थे।

  • दलित ईसाइयों के साथ विवाद: जून 2025 में भी नेपानगर क्षेत्र में एक पादरी के घर पर धर्मांतरण के आरोपों के बाद विवाद हुआ था, जिसमें मारपीट की खबरें आई थीं। इस मामले में ईसाई संगठनों ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया था, जबकि स्थानीय संगठनों ने अवैध मतांतरण का दावा किया था।

  • हिंदू महिला की हत्या का मामला: अगस्त 2025 में एक हिंदू महिला की हत्या के बाद शहर में तनाव की स्थिति बनी थी। परिजनों का आरोप था कि यह धर्मांतरण के दबाव और आपसी विवाद से जुड़ा मामला था, जिसके विरोध में बुरहानपुर बंद का आह्वान भी किया गया था।

प्रशासनिक सतर्कता और कानून

मध्य प्रदेश में लागू ‘धर्म स्वतंत्रता अधिनियम’ के तहत जिला प्रशासन ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर और एसपी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि:

  1. बिना पूर्व सूचना और अनुमति के सामूहिक धार्मिक आयोजनों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

  2. ग्रामीण क्षेत्रों में बाहरी व्यक्तियों की संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई है।

  3. सिकलीगर समुदाय और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में प्रशासन ‘मुख्यधारा से जोड़ने’ के अभियान के साथ-साथ जागरूकता शिविर भी लगा रहा है।

धार्मिक संगठनों और ग्रामीणों का रुख

विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर माँग की है कि जिले के सीमावर्ती गांवों में सक्रिय “मिशनरी नेटवर्क” की जांच की जाए। वहीं, अल्पसंख्यक समुदायों के प्रतिनिधियों का कहना है कि वे केवल अपनी धार्मिक आस्था का पालन कर रहे हैं और उन पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।

बुरहानपुर पुलिस ने सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें न फैलाने की हिदायत दी है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ा दी है।

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