सुप्रीम कोर्ट की केंद्र को फटकार: ‘तटरक्षक बल में ब्रिटिश कालीन नियमों को ढोना अब संभव नहीं’

Saransh Kanaujia
3 Min Read

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय तटरक्षक बल (ICG) में सेवानिवृत्ति की आयु और सेवा शर्तों को लेकर केंद्र सरकार के “रूढ़िवादी” रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि आधुनिक समय में जब तटरक्षक बल एक उच्च-कौशल और तकनीकी संगठन बन चुका है, तब दशकों पुराने ब्रिटिश कालीन नियमों को ढोना व्यावहारिक नहीं है।

हाई कोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची की पीठ ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें तटरक्षक बल के सभी रैंकों के लिए सेवानिवृत्ति की आयु एक समान 60 वर्ष तय करने का आदेश दिया गया था। हालांकि, कोर्ट ने केंद्र की इस दलील को पूरी तरह खारिज नहीं किया कि नियमों में बदलाव की जरूरत है।

सुनवाई की मुख्य बातें:

  • अनुभव का महत्व: न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा, “तटरक्षक बल अब एक परिष्कृत बल है। ऐसे संगठनों में अनुभव का मूल्य बहुत अधिक होता है। सरकार को सेवा शर्तों के मामले में अत्यधिक रूढ़िवादी नहीं होना चाहिए।”

  • औपनिवेशिक मानसिकता पर प्रहार: अदालत ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल से कहा कि सरकार ब्रिटिश काल में बनाए गए ढांचों से बंधी नहीं रह सकती। आज की तकनीकी आवश्यकताओं और बल की जिम्मेदारियों को देखते हुए नियमों की समीक्षा का यह उचित समय है।

  • विशेषज्ञ समिति का सुझाव: पीठ ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह तटरक्षक बल के जवानों की सेवा शर्तों और रिटायरमेंट आयु पर पुनर्विचार के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित करने पर विचार करे।

क्या है पूरा विवाद?

यह मामला ‘कोस्ट गार्ड रूल्स, 1986’ के नियम 20 से जुड़ा है। वर्तमान नियमों के अनुसार:

  • कमांडेंट और उससे नीचे के अधिकारी: 57 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होते हैं।

  • कमांडेंट से ऊपर के अधिकारी: 60 वर्ष की आयु तक सेवा में बने रहते हैं।

दिल्ली हाई कोर्ट ने इस भेदभावपूर्ण नियम को रद्द कर दिया था, जिसे केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

आगे क्या?

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को दो सप्ताह के भीतर अपना जवाबी हलफनामा दाखिल करने का समय दिया है। तब तक दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर रोक जारी रहेगी। कानूनी जानकारों का मानना है कि इस मामले का फैसला भविष्य में अन्य सशस्त्र और अर्धसैनिक बलों (CAPFs) की सेवानिवृत्ति नीतियों के लिए एक मिसाल बनेगा।

new.matribhumisamachar.com/national/supreme-court-on-indian-coast-guard-retirement-age/

Related Post

Share This Article