Warning: file_exists(): open_basedir restriction in effect. File(D:\wwwroot\new.matribhumisamachar.com/wp-content/themes/foxiz-child/assets/fonts/icons.woff2?ver=2.5.0) is not within the allowed path(s): (D:/wwwroot/new.matribhumisamachar.com/;C:/Windows/Temp/;C:/Temp/;D:/BtSoft/temp/session/) in D:\wwwroot\new.matribhumisamachar.com\wp-includes\link-template.php on line 4654

पाकिस्‍तान के एयरस्पेस बंद होने के कारण एयर इंडिया को पिछले 6 महीने में हुआ 4000 करोड़ का घाटा

Saransh Kanaujia
5 Min Read
मुंबई. भारत और पाकिस्‍तान के बीच जारी तनाव का सबसे ज्‍यादा असर एयर इंडिया की कमाई पर दिख रहा है. टाटा समूह की इस एयरलाइंस ने बताया है कि उसे अप्रैल के बाद से अब तक 4 हजार करोड़ रुपये का घाटा हो चुका है. कंपनी के सीईओ कैम्‍पबेल विल्‍सन ने बताया कि उनकी एयरलाइंस को महज 6 महीने के भीतर ही 4 हजार करोड़ से भी ज्‍यादा का नुकसान उठाना पड़ा है. इसकी वजह पाकिस्‍तान से तनाव के साथ-साथ अमेरिका के टैरिफ और वीजा नियमों में किया गया बदलाव भी है.
एयर इंडिया के सीईओ ने बताया कि अप्रैल में भारत और पाकिस्‍तान के बीच बढ़े तनाव और ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्‍तान ने भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र बंद कर दिए हैं. इसकी वजह से एयर इंडिया के विमानों को घूमकर जाना पड़ता है, जो न सिर्फ ज्‍यादा समय लेता है बल्कि यह अधिक खर्चीला भी पड़ रहा है. यही वजह है कि महज कुछ महीनों में ही कंपनी को 4,000 करोड़ रुपये से भी ज्‍यादा का घाटा लग चुका है. पाकिस्‍तान की हवाई सीमा बंद होने से भारतीय एयरलाइंस को अपने कई अंतरराष्‍ट्रीय उड़ानों को घुमाकर ले जाना पड़ता है.

विमानों को बदलना पड़ा रूट

विल्‍सन ने बताया क‍ि पहले से चल रहे एयर स्‍पेस को बंद किए जाने से उड़ानों का रूट बदलना पड़ा है. इसकी वजह से कंपनी की कमाई पर 4 हजार करोड़ रुपये का असर दिखा है. सबसे ज्‍यादा असर विमान के ईंधन की खपत पर दिखा है. इसके अलावा क्रू की लागत और समय में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है. एयर इंडिया ने नागरिक विमानन मंत्रालय को पिछले जून महीने में ही बता दिया था कि अगर रूट आगे भी बंद रहता है तो यह घाटा 5 हजार करोड़ से भी ज्‍यादा पहुंच सकता है.

रूट बदलने से क्‍या असर पड़ा

पाकिस्‍तान का एयरस्‍पेस भारतीय विमानों के लिए बंद होने से उड़ान का समय 1 से 4 घंटे तक बढ़ गया है. अब अरब सागर, ईरान और दक्षिणी रूट से विमानों को ले जाना पड़ता है. इसका असर लंदन, पेरिस, फ्रैंक्‍फर्ट, न्‍यूयॉर्क, शिकागो, सैन फ्रांसिस्‍को, दुबई, रियाद, ताशकंद, अल्‍माटी, बाकू, सियोग और सिंगापुर सहित कई अन्‍य गंतव्‍यों तक जाने वाली उड़ानों पर दिख रहा है.

प्‍लेन क्रैश का भी दिखा असर

विल्‍सन ने 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रहे एयर इंडिया व‍िमान के क्रैश होने का मुद्दा भी उठाया. उन्‍होंने कहा कि एयरलाइंस ने इस हादसे से प्रभावित हुए सभी लोगों को हरसंभव राहत पहुंचाने की कोशिश की है. उन्‍होंने यह भी दावा किया कि हादसे की अंतरिम जांच में पाया गया कि प्‍लेन में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं थी. उसके इंजन और ऑपरेशन में भी कोई खामी नहीं थी.

फाइनल रिपोर्ट का इंतजार

एयर इंडिया के सीईओ ने बताया कि सभी यात्रियों के साथ क्रूड और प्‍लेन के अन्‍य स्‍टाफ के परिवारों को भी सभी तरह का सपोर्ट किया गया है, ताकि हादसे से उबरने में उनकी मदद की जा सके. उन्‍होंने कहा, ‘हम सभी के साथ हैं और सभी को हरसंभव मदद देने की कोशिश कर रहे हैं. फिलहाल फाइनल रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं और इस हादसे से काफी कुछ सीखने की भी कोशिश कर रहे हैं, ताकि भविष्‍य में ऐसी किसी भी स्थिति का सामना न करना पड़े.’
साभार : न्यूज18

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://new.matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

Related Post

Share This Article