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संभल हिंसा पर अरोड़ा आयोग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी रिपोर्ट

Saransh Kanaujia
3 Min Read

लखनऊ. इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज देवेंद्र कुमार अरोड़ा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग ने गुरुवार को नवंबर 2024 में हुई संभल हिंसा पर अपनी रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी. अरोड़ा, भारतीय पुलिस सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी अरविंद कुमार जैन और भारतीय प्रशासनिक सेवा के रिटायर्ड अधिकारी अमित मोहन प्रसाद सहित पैनल के सदस्यों ने मुख्यमंत्री से 28 अगस्त 2025, गुरुवार को मुलाकात की. पिछले साल 24 नवंबर को संभल में शाही जामा मस्जिद के पास भड़की हिंसा पर अपनी रिपोर्ट सौंपी. इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे. प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद ने बताया कि संभल की घटना की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी है. रिपोर्ट के विवरण के बारे में प्रसाद ने कहा, ‘हम इसका अध्ययन करने के बाद ही कुछ बता सकते हैं. आगे की कार्रवाई उसी के अनुसार की जाएगी.’

संभल में कब और क्यों शुरु हुआ था विवाद?

यह विवाद पिछले साल 19 नवंबर से शुरू हुआ है, जब अधिवक्ता हरि शंकर जैन और विष्णु शंकर जैन सहित हिंदू याचिकाकर्ताओं ने संभल स्थित जिला अदालत में एक मुकदमा दायर किया था जिसमें दावा किया गया था कि शाही जामा मस्जिद एक मंदिर के ऊपर बनाई गई थी. अदालत के आदेश पर उसी दिन (19 नवंबर) एक सर्वेक्षण किया गया, उसके बाद 24 नवंबर को एक और सर्वेक्षण किया गया. 24 नवंबर को हुए दूसरे सर्वेक्षण से संभल में भारी अशांति फैल गई, जिसके परिणामस्वरूप चार लोगों की मौत हो गई और 29 पुलिसकर्मी घायल हो गए. पुलिस ने हिंसा के सिलसिले में समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क और मस्जिद समिति के प्रमुख ज़फर अली के खिलाफ मामला दर्ज किया, साथ ही 2,750 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की.

साभार : एबीपी न्यूज

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