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मोहम्मद यूनुस बांग्लादेश में जून 2026 तक कराना चाहते हैं आम चुनाव

Saransh Kanaujia
4 Min Read

ढाका. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मुहम्मद यूनुस सेना और राजनीतिक दलों के दबाव के आगे झुक गए हैं. न चाहते हुए भी उनको देश में लोकतंत्र की बहाली को लेकर एक बड़ा फैसला लेना पड़ा है. उन्होंने घोषणा की है कि देश में इस साल दिसंबर से लेकर जून 2026 के बीच कभी भी चुनाव हो सकते हैं. यूनुस इन दिनों जापान की यात्रा पर हैं. उन्होंने राजधानी टोक्यो में यह बयान दिया.

यूनुस ने कहा कि लोग बार-बार पूछ रहे हैं कि चुनाव कब होंगे, क्योंकि नेता सत्ता में आने के लिए उतावले होते हैं. मैंने उनसे कुछ समय से वादा किया हुआ है. अगर सुधार जल्दी हो जाते हैं तो चुनाव दिसंबर 2025 में हो सकते हैं, नहीं तो ज्यादा से ज्यादा जून 2026 तक. हमें यह काम जून 2026 तक हर हाल में पूरा करना है. उन्होंने बताया कि चुनाव की तारीख सुधारों की गति पर निर्भर करेगी. अगर सुधार धीमे हुए और ज्यादा समय लिया तो चुनाव में देरी हो सकती है. लेकिन यह देरी अनिश्चितकाल तक नहीं चल सकती.

पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पार्टी बीएनपी ने इस समय सीमा का विरोध किया है. पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह चुनाव में देरी करने की रणनीति अपना रही है. रहमान ने कहा कि पहले सभी अंतरिम सरकारों ने तीन महीने के भीतर निष्पक्ष चुनाव कराए थे. लेकिन आज 10 महीने से ज्यादा हो गए और सरकार ने अभी तक चुनाव की तारीख तक घोषित नहीं की. उन्होंने कहा कि सरकार तथाकथित सुधारों के नाम पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पटरी से उतारने की कोशिश कर रही है.

10 माह पहले संभाली थी सत्ता

यूनुस ने अगस्त 2024 में सत्ता संभाली थी जब छात्रों के नेतृत्व में हुए बड़े प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग सरकार को सत्ता छोड़नी पड़ी थी. हसीना को देश छोड़कर भागना पड़ा. तब से यूनुस अंतरिम सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं. उनकी सरकार का मुख्य लक्ष्य सुधारों को लागू करना और देश में स्थिरता लाना है. लेकिन बीएनपी का कहना है कि सुधारों के नाम पर चुनाव में देरी करना ठीक नहीं है.

बीएनपी के वरिष्ठ नेता अमीर खस्रू महमूद चौधरी ने एक रैली में कहा कि सुधारों के बहाने चुनाव में देरी की कोई गुंजाइश नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर राजनीतिक दलों के बीच सुधारों पर सहमति नहीं भी बनती तो अगली चुनी हुई सरकार इन सुधारों को पूरा कर सकती है. चौधरी ने भरोसा जताया कि अगर न्याय की प्रक्रिया अधूरी रहती है तो बीएनपी सत्ता में आने के बाद उसे पूरा करेगी. पार्टी को अपनी जीत का पूरा भरोसा है.

पिछले हफ्ते बांग्लादेश की सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमां ने भी यूनुस पर दबाव बढ़ाया. उन्होंने कहा कि दिसंबर 2025 तक चुनाव कराए जाने चाहिए और मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर असंतोष जताया. जनरल वाकर-उज-जमां ने नौसेना और वायुसेना प्रमुखों के साथ पिछले हफ्ते यूनुस से मुलाकात की थी. इस मुलाकात में उन्होंने साफ कहा कि इस साल दिसंबर तक चुनाव कराकर एक चुनी हुई सरकार को सत्ता सौंपनी चाहिए.

साभार : न्यूज18

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