कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष तो बनाती है, लेकिन कमेटी का गठन नहीं किया जाता: दिग्विजय सिंह

Saransh Kanaujia
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नई दिल्ली. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में संगठन के केंद्रीकरण का मुद्दा उठाया। सूत्रों के अनुसार, दिग्विजय सिंह ने मीटिंग में संगठन के केंद्रीकरण का मुद्दा उठाया। बैठक में कहा कि संगठन में विकेंद्रीकरण यानी संगठन में सुधार बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रदेशों में अध्यक्ष तो बनाया जाता है लेकिन कमेटी का गठन नहीं किया जाता। दिग्विजय सिंह के इस बयान को राहुल गांधी की कार्यशैली पर सवाल उठाने के तौर पर देखा जा रहा है।

दिग्विजय सिंह ने कही ये बातें

कांग्रेस के सीनियर लीडर दिग्विजय सिंह ने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट किया। दिग्विजय सिंह ने सीधे राहुल गांधी को टैग करते हुए लिखा है कि सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर तो आप बढ़िया काम कर रहे हैं। इसके लिए आपको पूरे नंबर मिलते हैं लेकिन अब थोड़ा कांग्रेस पर भी ध्यान दीजिए, क्योंकि कांग्रेस में भी चुनाव आयोग की तरह रिफॉर्म की जरूरत हैं। आपने संघटन सृजन के साथ शुरुआत तो कर दी है लेकिन सिर्फ इससे काम नहीं चलेगा।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस को डिसेंट्रलाइज्ड फंक्शनिंग की जरुरत है। मुझे पता है आप करेंगे…क्योंकि आप कर सकते हैं। सिर्फ एक समस्या है कि आपको मनाना। कंविंस करना आसान नहीं है। पोस्ट के लास्ट में दिग्विजय सिंह ने लिखा है…जय सिया राम..।

मल्लिकार्जुन खरगे ने कही ये बातें

वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक को संबोधित करते हुए बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों की निंदा की और कहा कि इससे पूरा भारत चिंतित है। खरगे ने कांग्रेस नेताओं से आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कमर कसने का आह्वान किया और यह भी कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने की एक सोची समझी साजिश है और ऐसे में यह सुनिश्चित करना होगा कि कांग्रेस के मतदाताओं के नाम न काटे जाएं।

खरगे ने कहा कि हाल में संसद के शीतकालीन सत्र में मोदी सरकार ने MGNREGA को समाप्त कर करोड़ों गरीबों और कमजोर तबके के लोगों को बेसहारा कर दिया है। गरीबों के पेट पर लात मारने के साथ उनकी पीठ में मोदी सरकार ने छूरा घोंपा है। MGNREGA को समाप्त करना, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान है।

साभार : इंडिया टीवी

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