बरेली और मऊ में जुमे की नमाज के बाद भीड़ ने सड़क पर उतर किया पथराव और फायरिंग

Saransh Kanaujia
3 Min Read

लखनऊ. बरेली में जुमे पर ‘आई लव मोहम्मद’ विवाद को लेकर 3 जगहों पर बवाल हो गया। पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज किया। लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इससे भगदड़ मच गई। दरअसल, मौलाना तौकीर रजा ने मुस्लिमों से शहर के इस्लामिया ग्राउंड में प्रदर्शन करने की अपील की थी। जुमे की नमाज के बाद भीड़ सड़क पर उतर आई और जबरन ग्राउंड में जाने की जिद पर अड़ गई।

पुलिस के मुताबिक, भीड़ को रोका गया। इस पर भीड़ ने तोड़फोड़ शुरू कर दी। धार्मिक नारे लगाए और उग्र हो गए। पथराव शुरू कर दिया। छतों से भी पत्थर फेंके। पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज किया। बारादरी और प्रेमनगर क्षेत्र में भी बवाल हुआ। पुलिस ने शहर में बाजार बंद करा दिए। पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा को हिरासत में ले लिया है। मौलाना तौकीर रजा इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के अध्यक्ष हैं। इन पर 2010 में बरेली में दंगा करवाने का भी आरोप है। मामला अभी कोर्ट में है।

बरेली के DIG अजय कुमार साहनी ने बताया- 95 फीसदी लोगों ने शांति से नमाज पढ़ी और वापस चले गए। लेकिन, बाद में कुछ शरारती तत्व आए। उन्होंने पथराव और फायरिंग शुरू कर दी। इसकी पूरी वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी की गई है। वहीं, डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि कुछ लोगों ने माहौल खराब करने की कोशिश की। लेकिन पहले से तैनात पुलिस, पीएसी और आरएएफ ने सभी को वहां से हटा दिया। अब शहर में पूरी तरह शांति है।

उधर, मऊ में भी जुमे की नमाज के बाद ‘आई लव मोहम्मद’ विवाद पर बवाल हो गया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों को खदेड़ा। दरअसल, वहां कुछ लोगों ने ‘आई लव मोहम्मद’ का जुलूस निकालना शुरू कर दिया। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने और नारेबाजी करते रहे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों ने जुलूस में शामिल लोगों पर लाठियां भांजकर उन्हें तितर-बितर किया।

साभार : दैनिक भास्कर

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article