पंजाब के बजट से इस बार भी प्रदेश की महिलाएं निराश

Saransh Kanaujia
3 Min Read

चंडीगढ़. पंजाब (Punjab) के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार का चौथा बजट पेश किया. इस दौरान पंजाब में महिलाओं को एक हजार रुपये हर माह देने का चुनावी वादे पर कोई चर्चा नहीं हुई. सभी की निगाहें इस बात पर टिकी थी कि पंजाब सरकार महिलाओं के लिए अपने चुनावी वादे को लेकर क्या ऐलान करती है? वित्त मंत्री ने बुधवार को राज्य के लिए 2.36 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश करते हुए एक बार फिर इस पर किसी तरह की बात नहीं की.

महिलाओं को 1100 रुपये हर माह मिलेंगे

आपको बता दें कि आप सरकार ने 2022 के चुनावों में महिलाओं को एक हजार रुपये हर माह देने का वादा किया था. हाल ही में सीएम भगवंत मान ने कहा था कि अब इस योजना को संशोधित किया गया है. महिलाओं को 1100 रुपये हर माह मिलेंगे. मगर इसे अब तक सरकार इसे लागू नहीं कर पाई है. सरकार को कड़ी अलोचना का सामना करना पड़ा. इस दौरान राज्य में महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस मामले पर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया था. विपक्ष के नेता प्रताप बाजवा ने कहा था, “हमें सरकार से कोई उम्मीद नहीं है. वे महिलाओं से किए गए वादे पूरे करने में विफल रहे हैं.” इस पर सवाल होने पर वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने जवाब दिया. उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में  लोगों को दी गई कई गारंटियों को पूरा किया और महिलाओं को सहायता देने की गारंटी लंबित है. हम सर्वे करवा रहे हैं और जल्द ही इसे पूरा भी किया जाएगा.”

पंजाब में नशा जनगणना होगी

पंजाब के वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य में आने वाले वक्त में नशा जनगणना होगी. जनगणना में पंजाब के हर घर को शामिल किया जाएगा. नशे के फैलाव, नशा मुक्ति केंद्रों के उपयोग आदि को समझने को लेकर डेटा एकत्र किया जाएगा. इसके साथ पंजाब के लोगों की सामाजिक-आर्थिक हालात में भी डाटा कलेक्ट किया जाएगा. राज्य इस डेटा का उपयोग अगले एक से दो साल में नशे की समस्या को खत्म करने को लेकर एक प्रभावी और वैज्ञानिक रणनीति तैयार करने के लिए करेगी. सरकार के इस पहल पर 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

साभार : न्यूजनेशन

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article