Warning: file_exists(): open_basedir restriction in effect. File(D:\wwwroot\new.matribhumisamachar.com/wp-content/themes/foxiz-child/assets/fonts/icons.woff2?ver=2.5.0) is not within the allowed path(s): (D:/wwwroot/new.matribhumisamachar.com/;C:/Windows/Temp/;C:/Temp/;D:/BtSoft/temp/session/) in D:\wwwroot\new.matribhumisamachar.com\wp-includes\link-template.php on line 4654

चीन की सहायता से पाकिस्तान भी स्पेस वार की करेगा तैयारी

Saransh Kanaujia
3 Min Read

इस्लामाबाद. सैटेलाइट्स को हमेशा ही धरती पर नजर रखने वाली आंखों के तौर पर देखा जाता था लेकिन अब ऐसा नहीं है. भविष्य में होने वाले युद्धों में सैटेलाइट सिर्फ धरती पर संदेश भेजने तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि एक-दूसरे से लड़ने में शामिल हों. हाल ही में अमेरिका और ब्रिटेन की सेनाओं ने अंतरिक्ष में अपना पहला संयुक्त सैन्य अभियान के खत्म होने का ऐलान किया. इसमें अमेरिका के एक सैन्य उपग्रह को ब्रिटेन के एक संचार उपग्रह पर नजर रखने के लिए भेजा गया था. ब्रिटेन की रॉयल एयर फोर्स के मुताबिक इस दौरान दोनों उपग्रह लगभग 3 किमी प्रति सेकंड की रफ्तार से चल रहे थे.

क्यों किया गया था ये अभ्यास?

अमेरिका और ब्रिटेन के अंतरिक्ष कमांडरों के बयानों से पता चलता है कि यह अभ्यास उनके विरोधियों को एक संदेश देने के लिए था. अमेरिकी अंतरिक्ष बल के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डगलस शिएस ने इसे तेजी से बढ़ रहे प्रतिस्पर्धी अंतरिक्ष क्षेत्र में एक मजबूत चेतावनी बताया. 2022 में यूक्रेन-रूस युद्ध और हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान समय पर मिलने वाले उपग्रह डेटा ने युद्ध में बहुत मदद की थी.

किन नियमों के तहत होंगे ये युद्ध?

अब युद्ध में सैटेलाइट्स का रोल बहुत बढ़ गया है और उनकी सुरक्षा के लिए कोई कड़े नियम नहीं हैं. इसलिए यह हैरानी की बात नहीं होगी कि अगर विरोधी देश अब एक-दूसरे के रडार या वायु-रक्षा प्रणालियों के बजाय सीधे उनके सैन्य उपग्रहों को निशाना बनाना शुरू कर दें. यह हमला उपग्रहों को पूरी तरह से नष्ट किए बिना उनके सिग्नल या इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में रुकावट डालकर भी किया जा सकता है.

पाकिस्तान ने किया चीन से समझौता

पाकिस्तान ने अब अपना उपग्रह बनाने के लिए एक चीनी कंपनी के साथ 406.4 मिलयन डॉलर का समझौता किया है. चीनी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह कंपनी पाईसैट इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी है. यह पाकिस्तान को दुनिया भर के संचार और दूर से जानकारी लेने के लिए एक सिस्टम बनाने में मदद करेगी.

कौने से 4 देश हैं ASAT?

भारत अमेरिका, रूस और चीन के साथ उन 4 देशों में से एक है जिन्होंने जमीन से उपग्रह-रोधी(ASAT)हथियारों का सफल परीक्षण किया है. ये हथियार सैटेलाइट्स को खत्म करते हैं. हालांकि, युद्ध की शुरुआत में ASAT का इस्तेमाल करना एक बहुत ही जोखिम भरा कदम हो सकता है. लेकिन अगर एक उपग्रह किसी दूसरे उपग्रह के काम में रुकावट डाले तो यह एक अलग स्थिति होगी.

साभार : जी न्यूज

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article