कैबिनेट ने पुणे मेट्रो रेल परियोजना चरण-2 के विस्तार को स्‍वीकृति दी

Saransh Kanaujia
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पुणे मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण: वनाज से चांदनी चौक (कॉरिडोर 2ए) और रामवाड़ी से वाघोली/विट्ठलवाड़ी (कॉरिडोर 2बी) को स्‍वीकृति दे दी है। यह चरण-1 के तहत मौजूदा वनाज-रामवाड़ी कॉरिडोर का विस्तार है। ये दो एलिवेटेड कॉरिडोर 12.75 किलोमीटर तक फैले होंगे और इनमें 13 स्टेशन शामिल होंगे, जो चांदनी चौक, बावधन, कोथरुड, खराडी और वाघोली जैसे तेजी से विकसित हो रहे उपनगरों को जोड़ेंगे। इस परियोजना को चार साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

परियोजना की अनुमानित लागत 3626.24 करोड़ रुपये है, जिसे भारत सरकार, महाराष्ट्र सरकार और बाहरी द्विपक्षीय/बहुपक्षीय एजेंसियों द्वारा समान रूप से साझा किया जाएगा। यह रणनीतिक प्रस्ताव मौजूदा कॉरिडोर-2 का युक्तिसंगत विस्तार है और व्यापक आवाजाही योजना (सीएमपी) के साथ तालमेल रखता है, जो पुणे में पूर्व से पश्चिम के बीच आम लोगों की सुविधा हेतु परिवहन प्रणाली को मजबूत करने के लिए चांदनी चौक से वाघोली मेट्रो कॉरिडोर तक एक सतत विकास का लक्ष्‍य रखता है।

ये विस्तार प्रमुख आईटी हब, वाणिज्यिक क्षेत्रों, शैक्षणिक संस्थानों और आवासीय क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करेंगे, जिससे पूरे नेटवर्क में सार्वजनिक परिवहन और सवारियों की भागीदारी बढ़ेगी। नए कॉरिडोर जिला न्यायालय इंटरचेंज स्टेशन को लाइन-1 (निगडी-काटराज) और लाइन-3 (हिंजेवाड़ी-जिला न्यायालय) के साथ एकीकृत करेंगे, ताकि निर्बाध मल्टीमॉडल शहरी यात्रा को सक्षम किया जा सके।

दीर्घकालिक परिवहन योजना के अंतर्गत, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों से इंटरसिटी बस सेवाओं को चांदनी चौक के साथ जोड़ दिया जाएगा। इसके अलावा अहिल्या नगर और छत्रपति संभाजी नगर से इंटरसिटी बस सेवाओं को वाघोली में जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को पुणे की मेट्रो प्रणाली तक आसानी से पहुंचने में मदद मिलेगी। ये विस्तार पौड रोड और नगर रोड जैसे मुख्य मार्गों पर भीड़भाड़ कम करने में भी मदद करेंगे, जिससे सुरक्षित, तेज़ और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन के विकल्प मिलेंगे।

इन गलियारों के पूरा होने के बाद, पूरी लाइन 2 के लिए अनुमानित दैनिक तौर पर सवारियों की निरंतर बढ़ती संख्या वर्ष 2027 में 0.96 लाख, वर्ष 2037 में 2.01 लाख, वर्ष 2047 में 2.87 लाख और वर्ष 2057 में 3.49 लाख होने का अनुमान है। इस परियोजना को महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (महा-मेट्रो) द्वारा कार्यान्वित किया जाएगा, जो सभी सिविल, इलेक्ट्रो-मैकेनिकल और संबंधित कार्यों को पूरा करेगा। स्थलाकृतिक सर्वेक्षण और विस्तृत डिजाइन संबंधी परामर्श जैसी निर्माण-पूर्व गतिविधियां पहले ही शुरू हो चुकी हैं।

यह रणनीतिक विस्तार पुणे की आर्थिक क्षमता को बढ़ाएगा। इसके शहरी परिवहन इंफ्रास्‍ट्रचर को बढ़ाएगा और महानगरीय क्षेत्र में सतत और समावेशी विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

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