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ऑनलाइन गेमिंग बिल को मिली राष्ट्रपति की मंजूरी, बना कानून

Saransh Kanaujia
3 Min Read

नई दिल्ली. संसद से पारित होने के एक दिन बाद ऑनलाइन गेमिंग बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई. अब यह कानून बन चुका है और जल्द ही इसके लागू होने की तारीख नोटिफिकेशन के जरिए घोषित की जाएगी. इस कानून के तहत सभी तरह के मनी गेम्स (Real Money Games) पर पूरी तरह बैन होगा, जबकि सरकार ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग को बढ़ावा देगी. केंद्र का कहना है कि ऑनलाइन मनी गेम्स आज एक गंभीर सोशल और पब्लिक हेल्थ इश्यू बन गए हैं. इनसे न केवल युवाओं में लत और वित्तीय तबाही बढ़ी है, बल्कि समाज पर भी नकारात्मक असर पड़ा है.

सरकार का मकसद: लत और वित्तीय तबाही रोकना

इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘ऑनलाइन मनी गेम्स पब्लिक हेल्थ रिस्क बन चुके हैं. परिवारों की बचत बर्बाद हो रही है, कई युवाओं में साइकोलॉजिकल डिसऑर्डर, हिंसक व्यवहार और कंपल्सिव गेमिंग जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं. अनुमान है कि 45 करोड़ लोग इस लत से प्रभावित हुए हैं और 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा इसमें डूब चुके हैं.’ उन्होंने यह भी कहा कि यह सिर्फ लत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मनी लॉन्ड्रिंग और यहां तक कि टेरर एक्टिविटीज में फंडिंग तक के मामले सामने आए हैं.

मोदी सरकार का फोकस: मनी गेम्स पर रोक, ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में बिल पास होने के बाद कहा था, ‘यह कानून समाज को ऑनलाइन मनी गेम्स के हानिकारक प्रभावों से बचाएगा. साथ ही भारत को ई-स्पोर्ट्स, इनोवेशन और क्रिएटिविटी का ग्लोबल हब बनाने में मदद करेगा.’ मोदी ने कहा कि सरकार चाहती है कि भारत में गेम डेवलपमेंट इंडस्ट्री को बढ़ावा मिले और युवाओं की क्रिएटिविटी सही दिशा में इस्तेमाल हो.

कंपनियों पर तुरंत असर

बिल पास होते ही कई प्लेटफॉर्म्स ने अपने मनी गेमिंग ऑपरेशंस को बंद कर दिया. इनमें WinZO और Nazara Technologies समर्थित Moonshine Technologies (PokerBaazi) शामिल हैं. यह साफ है कि आने वाले दिनों में Real Money Gaming Sector पर बड़ा असर पड़ेगा, जबकि ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग कंपनियों को प्रोत्साहन मिलेगा.

पुराने घोटालों से तुलना

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जिस तरह पहले चिट फंड्स ने लाखों परिवारों को बर्बाद किया था, उसी तरह ऑनलाइन मनी गेम्स आज का बड़ा संकट बन गए हैं. उन्होंने कहा, ‘मोदी सरकार ने चिट फंड्स पर कानून लाकर लोगों को बचाया था. उसी तरह यह कानून मिडिल क्लास और युवाओं को मनी गेम्स के जाल से बाहर निकालेगा.’

साभार : न्यूज18

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