मुस्लिम भाइयों को आंख दिखाने वाले को बख्शा नहीं जाएगा : अजित पवार

Saransh Kanaujia
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मुंबई. महाराष्ट्र के नागपुर में पिछले दिनों हुए सांप्रदायिक दंगे के बीच राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का एक बयान सुर्खियां बटोर रहा है.दरअसल पवार की पार्टी एनसीपी ने मुंबई में एक इफ्तार पार्टी का आयोजन किया था. इसमें अजित पवार भी शामिल हुए. उन्होंने वहां उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मुस्लिम समुदाय को डराने या सांप्रदायिक विवाद पैदा करने की किसी भी कोशिश का सख्ती से जवाब दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी.

अजित पवार ने इफ्तार पार्टी में क्या कहा

इफ्तार पार्टी में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए पवार ने कहा कि अगर कोई हमारे मुस्लिम भाइयों और बहनों को डराने या सांप्रदायिक विवाद पैदा करने की हिम्मत करता है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा.उन्होंने सांप्रदायिक सद्भाव और समाज मे बंटवारे की कोशिश करने वाली ताकतों के खिलाफ एकता के महत्व पर जोर दिया. कहा कि हमने एक होली साथ होली मनाई है, गुड़ी पड़वा आने वाला है और उसके बाद ईद आएगी. उन्होंने कहा कि ये त्योहार हमें साथ रहना सिखाते हैं. हमारी असली ताकत एकता में है. अजित पवार ने का है कि मुस्लिमों को डराने या सांप्रदायिक विवाद पैदा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. पवार ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉक्टर बीआर आंबेडकर, ज्योतिबा फुले और दूसरे महान नेताओं ने सभी धर्मों और जातियों को साथ लेकर सामाजिक प्रगति का रास्ता दिखाया है. हमें इस विरासत को आगे बढ़ाना है. भारत एकता और विविधता का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि आपका भाई अजीत पवार आपके साथ है. अगर कोई हमारे मुस्लिम भाइयों और बहनों को डराने या सांप्रदायिक कलह पैदा करने की कोशिश करता है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा.

नागपुर की सांप्रदायिक हिंसा

अजित पवार का यह बयान ऐसे समय आया है जब इसी हफ्ते नागपुर सांप्रदायिक हिंसा की चपेट में आ गया था. नागपुर के कई इलाकों में 17 मार्च को पथराव और आगजनी की घटनाएं हुई थीं. यह हिंसा छत्रपति संभाजी नगर स्थित मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के प्रदर्शन के दौरान धार्मिक लेख वाली चादर जलाने की अफवाह के बाद हुई.इस हिंसा में पुलिस उपायुक्त स्तर के तीन अधिकारियों समेत 33 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. इनके अलावा आम आदमी भी इस हिंसा में घायल हुए थे. इस हिंसा को और फैलने से रोकने के लिए शहर के कई थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया था.इस मामले में पुलिस ने अबतक 105 लोगों को गिरफ्तार किया है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी नागपुर के ही रहने वाले हैं. सांप्रदायिक हिंसा के बाद फडणवीस शुक्रवार को नागपुर पहुंचे. वो आज दंगा प्रभावित इलाकों का दौरा कर सकते हैं.

साभार : एनडीटीवी

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