असम में राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आने से 8 हाथियों की मौत, 5 डिब्बे पटरी से उतरे

Saransh Kanaujia
3 Min Read

गुवाहाटी. असम के होजाई जिले में शुक्रवार देर रात सायरंग-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के पांच डिब्बे पटरी से उतर गए। राजधानी एक्सप्रेस का इंजन भी पटरी से उतर गया। दरअसल, रात में रात हाथियों का एक झुंड राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आ गया। हादसे में आठ हाथियों की मौत हो गई जबकि एक हाथ घायल है। रेलवे के अनुसार, इस हादसे में कोई यात्री घायल नहीं हुआ है।

इंजन समेत पांच डिब्बे पटरी से उतरे

पूर्वोत्तर सीमा रेलवे (एनएफआर) के प्रवक्ता ने बताया कि इस घटना में ट्रेन के पांच डिब्बे और इंजन पटरी से उतर गए, हालांकि यात्रियों को कोई चोट नहीं आई। प्रवक्ता ने बताया कि नई दिल्ली जाने वाली ट्रेन देर रात दो बजकर 17 मिनट पर दुर्घटना का शिकार हो गई। नगांव के संभागीय वन अधिकारी सुहाश कदम ने बताया कि यह घटना होजाई जिले के चांगजुराई क्षेत्र में हुई। सुहाश कदम और वन विभाग के अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं।

दिल्ली से मेघालय के बीच चलती है राजधानी एक्सप्रेस

एक अधिकारी ने बताया कि प्रभावित जमुनामुख-कामपुर खंड से गुजरने वाली ट्रेनों को अप लाइन से गुजारा जा रहा है और रेल यातायात की बहाली का काम जारी है। सायरंग-नयी दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस मिजोरम के सायरंग (आइजोल के पास) को आनंद विहार टर्मिनल (दिल्ली) से जोड़ती है।

ट्रेन सेवाएं हुईं बाधित 

सूत्रों ने बताया कि पटरी से उतरने और पटरियों पर हाथी के शरीर के अंग बिखरे होने के कारण ऊपरी असम और पूर्वोत्तर के अन्य हिस्सों के लिए ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं। प्रभावित कोचों के यात्रियों को ट्रेन के दूसरे कोचों में खाली बर्थ में अस्थायी रूप से ठहराया गया। ट्रेन के गुवाहाटी पहुंचने के बाद सभी यात्रियों को ठहराने के लिए अतिरिक्त कोच जोड़े जाएंगे, जिसके बाद ट्रेन अपनी आगे की यात्रा फिर से शुरू करेगी।

यह घटना ऐसी जगह हुई जो हाथियों के लिए निर्धारित कॉरिडोर नहीं है। लोको पायलट ने पटरियों पर हाथियों के झुंड को देखकर इमरजेंसी ब्रेक लगाए। इसके बावजूद, हाथी ट्रेन से टकरा गए, जिससे टक्कर हुई और ट्रेन पटरी से उतर गई।

साभार : इंडिया टीवी

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://new.matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

Related Post

Share This Article