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लव कुश रामलीला में अभिनेत्री पूनम पांडे करेंगी अभिनय

Saransh Kanaujia
3 Min Read

नई दिल्ली. लाल किला ग्राउंड में होने वाली लव कुश रामलीला में इस बार एक्ट्रेस पूनम पांडे रावण की पत्नी मंदोदरी का किरदार निभाने वाली हैं. अब इसको लेकर विरोध भी शुरू हो चुका है. इंद्रप्रस्थ विश्व हिंदू परिषद (VHP) के दिल्ली के प्रांत मंत्री सुरेंद्र गुप्ता ने लव कुश रामलीला में ‘मंदोदरी’ की भूमिका के लिए एक्ट्रेस पूनम पांडे को चुने जाने पर चिंता जाहिर की है. इस संबंध में उन्होंने लव कुश रामलीला समिति को पत्र भेजकर फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है.

सुरेंद्र गुप्ता ने अपने पत्र में, इस बात पर जोर दिया कि रामलीला केवल एक नाट्य-प्रस्तुति नहीं है. बल्कि भारतीय समाज और संस्कारों का एक जीवंत हिस्सा है. संगठन ने यूनेस्को की तरफ से रामलीला को दिए गए सांस्कृतिक महत्व के बारे में भी अपने पत्र में जिक्र किया है.

विश्व हिंदू परिषद ने अपने पत्र में क्या लिखा?

सांस्कृतिक और नैतिक संवेदनशीलता: सुरेंद्र गुप्ता ने अपने पत्र में लिखा कि संगठन अपील करता है कि रामायण-आधारित प्रस्तुतियों में पात्रों का चुनाव केवल अभिनय की क्षमता पर नहीं, बल्कि सांस्कृतिक उपयुक्तता और श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए.

‘मंदोदरी’ चरित्र का महत्व: ‘मंदोदरी’ का चरित्र गुण, मर्यादा, संयम और आदर्श पतिव्रता के गुणों का प्रतीक माना जाता है. इसलिए, इस भूमिका को निभाने वाले कलाकार का चयन इन आदर्शों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए.

सार्वजनिक छवि पर चिंता: पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि पूनम पांडे की सार्वजनिक छवि और उनके पिछले विवादों के कारण श्रद्धालुओं में असमंजस या आक्रोश की भावना उत्पन्न हो सकती है.

वैकल्पिक सुझाव: विहिप ने समिति को सुझाव दिया है कि वे इस निर्णय पर पुनर्विचार करें और मंदोदरी की भूमिका के लिए किसी ऐसी एक्ट्रेस का चयन करें जिनकी पारंपरिक नाट्य पृष्ठभूमि हो या जिनका सार्वजनिक रिकॉर्ड सांस्कृतिक अपेक्षाओं के अनुरूप रहा हो.

सुरेन्द्र कुमार गुप्ता ने कहा, “हमारा उद्देश्य किसी कलाकार का व्यक्तिगत विरोध करना नहीं है, बल्कि रामायण जैसे पवित्र ग्रंथों से जुड़े सार्वजनिक आयोजनों की सांस्कृतिक वैधता और श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा करना है.” उन्होंने आगे कहा कि रामलीला का प्राथमिक उद्देश्य धर्म, नैतिकता और संस्कारों को बढ़ावा देना है और हर निर्णय इसी भावना को प्रतिबिंबित करना चाहिए. गुप्ता ने अपने पत्र के आखिर में लिखा कि विश्व हिंदू परिषद को उम्मीद है कि लव कुश रामलीला समिति इस मामले की गंभीरता को समझें और एक सम्मानजनक समाधान निकालेगी.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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