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117 साल पुराना कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज अपनी आखिरी दीपावली मनाएगा

Saransh Kanaujia
6 Min Read

कोलकाता. देश के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज में से एक कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज (CSE) सोमवार यानी 20 अक्‍टूबर को आखिरी बार काली पूजा और दीपावली मनाएगा. इसकी वजह एक्सचेंज की तरफ से ब‍िजनेस को समेटा जाना है. लंबी कानूनी प्रक्रिया और रेग्‍युलेटरी संघर्ष के बाद सीईएस ने कारोबार से बाहर होने का फैसला किया है. अब एक्सचेंज कारोबार बंद होने के अंतिम चरण में पहुंच चुका है. सीएसई (CSE) की शुरुआत 117 साल पहले 1908 में हुई थी. उस समय बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को इसका कॉम्‍पटीटर माना जाता था. इसके जर‍िये कोलकाता में वित्तीय गतविधियां बढ़ाने में मदद म‍िली.

केतन पारेख घोटाले के बाद धीरे-धीरे कम हुआ भरोसा

सीएसई (CSE) को सबसे बड़ा नुकसान 2001 के केतन पारेख घोटाले में हुआ. उस समय में एक्सचेंज पर कई ब्रोकर्स सेटलमेंट को पूरा नहीं कर पाए थे. इससे निवेशकों का एक्सचेंज पर भरसा धीरे-धीरे कम होता चला गया. अप्रैल 2013 में सेबी (SEBI) ने रेग्‍युलेटरी मामलों के कारण सीएसई में व्यापार निलंबित कर दिया था. तब से, एक्सचेंज ने सालों तक ऑपरेशन फ‍िर से शुरू करने की कोश‍िश की और सेबी के फैसलों को अदालत में चुनौती दी. हालांकि, सीएसई के बोर्ड ने अंततः स्टॉक एक्सचेंज के कारोबार से हटने का फैसला ल‍िया.

EGM के दौरान निकास योजना को मंजूरी दी गई

सीएसई के चेयरमैन और जनहित निदेशक दीपांकर बोस के अनुसार शेयरहोल्‍डर ने 25 अप्रैल, 2025 को एक असाधारण आम बैठक (EGM) के दौरान निकास योजना को मंजूरी दे दी. एक्सचेंज ने इस साल 18 फरवरी को सेबी (SEBI) को अपना औपचारिक निकास आवेदन प्रस्तुत किया था. सेबी ने अनुमोदन प्रदान करने से पहले अंतिम समीक्षा करने के लिए राजवंशी एंड एसोसिएट को वैल्‍यूएशन एजेंसी नियुक्त किया है.

ब्रोकर के रूप में ऑपरेशन जारी रहेगा

सेबी (SEBI) की तरफ से अंतिम हरी झंडी मिलने के बाद, कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज, स्टॉक एक्सचेंज के रूप में काम करना बंद कर देगा. हालांकि, इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, सीएसई कैपिटल मार्केट्स प्राइवेट लिमिटेड (CCMPL), ब्रोकर के रूप में ऑपरेशन जारी रखेगी और एनएसई व बीएसई दोनों की मेंबर बनी रहेगी. पैरेंट कंपनी तब एक होल्डिंग कंपनी बन जाएगी. अपनी निकास प्रक्रिया के तहत सीएसई को ईएम बाईपास पर अपनी तीन एकड़ जमीन 253 करोड़ रुपये में सृजन ग्रुप को बेचने के लिए सेबी की मंजूरी भी मिल गई है. सेबी की मंजूरी मिलते ही बिक्री पूरी हो जाएगी.

कर्मचार‍ियों ने ल‍िया वीआरएस

सीएसई ने अपने कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) शुरू की है, जिसमें 20.95 करोड़ रुपये का एकमुश्त भुगतान शामिल है. सभी कर्मचारियों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है और कुछ कर्मचारियों को अनुपालन कार्य के लिए कॉन्‍ट्रैक्‍ट पर रखा गया है. इस कदम से कंपनी को हर साल करीब 10 करोड़ रुपये की बचत होने की उम्मीद है.

EGM के दौरान निकास योजना को मंजूरी दी गई

सीएसई के चेयरमैन और जनहित निदेशक दीपांकर बोस के अनुसार शेयरहोल्‍डर ने 25 अप्रैल, 2025 को एक असाधारण आम बैठक (EGM) के दौरान निकास योजना को मंजूरी दे दी. एक्सचेंज ने इस साल 18 फरवरी को सेबी (SEBI) को अपना औपचारिक निकास आवेदन प्रस्तुत किया था. सेबी ने अनुमोदन प्रदान करने से पहले अंतिम समीक्षा करने के लिए राजवंशी एंड एसोसिएट को वैल्‍यूएशन एजेंसी नियुक्त किया है.

ब्रोकर के रूप में ऑपरेशन जारी रहेगा

सेबी (SEBI) की तरफ से अंतिम हरी झंडी मिलने के बाद, कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज, स्टॉक एक्सचेंज के रूप में काम करना बंद कर देगा. हालांकि, इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, सीएसई कैपिटल मार्केट्स प्राइवेट लिमिटेड (CCMPL), ब्रोकर के रूप में ऑपरेशन जारी रखेगी और एनएसई व बीएसई दोनों की मेंबर बनी रहेगी. पैरेंट कंपनी तब एक होल्डिंग कंपनी बन जाएगी. अपनी निकास प्रक्रिया के तहत सीएसई को ईएम बाईपास पर अपनी तीन एकड़ जमीन 253 करोड़ रुपये में सृजन ग्रुप को बेचने के लिए सेबी की मंजूरी भी मिल गई है. सेबी की मंजूरी मिलते ही बिक्री पूरी हो जाएगी.

कर्मचार‍ियों ने ल‍िया वीआरएस

सीएसई ने अपने कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) शुरू की है, जिसमें 20.95 करोड़ रुपये का एकमुश्त भुगतान शामिल है. सभी कर्मचारियों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है और कुछ कर्मचारियों को अनुपालन कार्य के लिए कॉन्‍ट्रैक्‍ट पर रखा गया है. इस कदम से कंपनी को हर साल करीब 10 करोड़ रुपये की बचत होने की उम्मीद है.

साभार : जी न्यूज

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