पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर कार्रवाई कर सकता है आईसीसी

Saransh Kanaujia
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इस्लामाबाद. दुबई से निकलकर आई खबर ने एशिया कप 2025 के माहौल को और गरमा दिया है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) एक बार फिर विवादों में फंस गया है और इस बार मामला सीधा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) से टकरा गया है. दरअसल, यूएई के खिलाफ मैच से पहले पाकिस्तान ने कई बार टूर्नामेंट प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया, जिस पर आईसीसी ने कड़ा रुख अपनाया है और अब पीसीबी के खिलाफ कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है.

मोबाइल से फिलमाई बैठक

पूरा विवाद मैच रैफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट को हटाने की मांग से शुरू हुआ. पीसीबी का कहना था कि पाइक्रॉफ्ट को मैच से पहले होने वाली अहम बैठकों में शामिल नहीं होना चाहिए. जब आईसीसी ने यह मांग खारिज कर दी तो पाकिस्तान टीम ने मैच में देरी कर दी. यही नहीं पीसीबी ने अपने मीडिया मैनेजर नईम गिलानी को भी ऐसी बैठक में शामिल कर दिया, जहां नियमों के मुताबिक मीडिया कर्मियों को जाने की अनुमति नहीं होती. इससे भी बड़ी बात यह रही कि मीडिया मैनेजर मोबाइल फोन लेकर बैठक में प्रवेश करना चाहते थे, जो पीएमओए (प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया) प्रोटोकॉल का सीधा उल्लंघन है.

माफी नहीं गलतफहमी पर जताया था खेद

सूत्रों के मुताबिक, जब आईसीसी ने इसका विरोध किया तो पीसीबी ने मैच से हटने तक की धमकी दी. अंततः दबाव में आकर आईसीसी को अनुमति देनी पड़ी कि गिलानी बैठक को (बिना ऑडियो के) फिल्मा सकते हैं. लेकिन यह भी नियमों का उल्लंघन था. यही नहीं बाद में पीसीबी ने अपनी मीडिया विज्ञप्ति में दावा कर दिया कि पाइक्रॉफ्ट ने माफी मांगी है, जबकि असल में उन्होंने सिर्फ गलतफहमी पर खेद जताया था.

चेतावनी के बावजूद नियम तोड़ा

आईसीसी ने पीसीबी के इस रवैये को “गलत आचरण” करार दिया है और कहा है कि कई चेतावनियों के बावजूद बार-बार प्रोटोकॉल तोड़े गए. अब सवाल उठता है कि क्या पाकिस्तान पर जुर्माना लगाया जाएगा या कोई और कड़ी कार्रवाई होगी. इस विवाद ने साफ कर दिया है कि खेल से ज्यादा ध्यान राजनीति और दबाव बनाने की रणनीतियों पर है. ऐसे में आईसीसी के लिए यह केस उसकी साख और अनुशासन बनाए रखने की एक अहम परीक्षा बन गया है.

साभार : न्यूज18

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