Warning: file_exists(): open_basedir restriction in effect. File(D:\wwwroot\new.matribhumisamachar.com/wp-content/themes/foxiz-child/assets/fonts/icons.woff2?ver=2.5.0) is not within the allowed path(s): (D:/wwwroot/new.matribhumisamachar.com/;C:/Windows/Temp/;C:/Temp/;D:/BtSoft/temp/session/) in D:\wwwroot\new.matribhumisamachar.com\wp-includes\link-template.php on line 4654

मुझे आइटम डांस परफॉर्म करने में जैसी तसल्ली मिलती है, वैसी एक्टिंग से कभी भी नहीं मिली : मलाइका अरोड़ा

Saransh Kanaujia
3 Min Read

मुंबई. मलाइका अरोड़ा ने हाल ही में अपना 50वां जन्मदिन सेलिब्रेट किया है. लेकिन, उनके लुक को देख उनकी उम्र का पता लगाना मुश्किल होता है. ऐसे में मलाइका की फिटनेस और उनके ग्लैमरस लुक पर फैंस अक्सर फिदा होते हुए नजर आते हैं. वहीं, कुछ लोग ऐसे भी हैं जो उनकी उम्र और पर्सनल लाइफ को लेकर उन्हें ट्रोल करते हैं.

मलाइका ने हाल ही में बताया कि सोशल मीडिया पर होनो वाली ट्रोलिंग से वो कैसे डील करती हैं. मलाइका की अब तक की जर्नी में उन्हें अक्सर ट्रोल किया गया है, फिर चाहे अरबाज खान के संग सेपरेशन को लेकर हो या फिर सिंगल मदर के तौर पर बेटे अरहान की परवरिश करना हो या फिर से प्यार करना हो.फिर भी मलाइका अपनी शर्तों पर जिंदगी जीती हैं, उन्हें आस-पास होने वाले शोर-शराबे से कोई फर्क नहीं पड़ता. मलाइका अरोड़ा ने हाल ही में हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में इस बारे में खुलकर बात की.

मलाइका के लिए मायने रखती हैं ये चीजें

एक्ट्रेस ने कहा,’मैंने अपनी सच्चाई पर फोकस करना सीख लिया है और मैं नेगेटिविटी को अपना सेल्फ वर्थ डिसाइड नहीं करने देती.ट्रोल्स तो हमेशा ट्रोल्स ही रहेंगे. लेकिन, मैं खुद को उस टॉक्सिसिटी में शामिल नहीं कर सकती. मेरे लिए मेरी फैमिली, फ्रेंड्स और मेरे दिमाग की शांति ज्यादा मायने रखती है.’

मलाइका को एक्टिंग से नहीं मिलती संतुष्टि

मलाइका ने इस दौरान अपने करियर के बारे में भी बात की और बताया कि उन्हें एक्टिंग से वो संतुष्टि नहीं मिलती जो परफॉर्म करके मिली.मलाइका ने कहा,’ये बिल्कुल सच है कि एक्टिंग ने कभी भी मुझे वैसी तसल्ली नहीं दी जो किसी डांस नंबर को परफॉर्म करने में मिलता है. मुझे एक्टिंग पसंद थी, सच में थी, लेकिन डांस करना मुझे अपना-सा लगता है.

मलाइका ने आगे कहा,’मैं जानती हूं आइटम नंबर का लेबल थोड़ा सीमित-सा लगता था. लेकिन आज मैं देखती हूं कि कितने कलाकार इसे एक रचनात्म चुनौती के रूप में लेते हैं. अब फोकस प्रदर्शन, कॉन्सेप्ट और इस बात पर होता है कि कोई गाना कहानी में कैसे फिट बैठता है, न कि केवल एख विजुअल ट्रीट बनने पर. इन नंबर्स को बनाने में जो मेहनत लगती है, उसके प्रति अब अधिक सम्मान है.’

साभार : एबीपी न्यूज

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://new.matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

Related Post

Share This Article