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मोदी सरकार ने दो चरणों में जनगणना के लिए जारी की अधिसूचना

Saransh Kanaujia
4 Min Read

नई दिल्ली. भारत में जनगणना दो चरणों में होगी और इसे लेकर केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की है कि भारत की जनसंख्या की जनगणना वर्ष 2027 के दौरान की जाएगी। गृह मंत्रालय ने सोमवार को जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत जनगणना और जातीय जनगणना से संबंधित नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। वैसे तो भारत में जनगणना हर 10 साल बाद होती है, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से जनगणना टल रही थी लेकिन अब नोटिफिकेश जारी होने के बाद क्लियर हो गया है कि जनगणना का काम जल्द शुरू हो जाएगा। अगली जनगणना 2035 में कराई जाएगी।

10 प्वाइंट्स में जानें जनगणना के बारे में सबकुछ

  1. इस बार जनगणना की प्रक्रिया दो फेज में होगी, जिसकापहला चरण एक अक्टूबर 2026 तक पूरा किया जाएगा, जबकि दूसरा और अंतिम चरण एक मार्च 2027 तक पूरा होगा और एक मार्च 2027 को रेफरेंस डेट माना जाएगा, यानी उस समय देश की जनसंख्या और सामाजिक स्थिति का जो भी आंकड़ा होगा, वही रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा और फिर ये आंकड़े सार्वजनिक कर दिए जाएंगे, जिसे आप भी जान सकेंगे।
  1. पहाड़ी राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में जनगणना की प्रक्रिया अन्य राज्यों से पहले अक्टूबर 2026 तक पूरी कर ली जाएगी। इसका कारण है यहां का मौसम और ठंड,  इन राज्यों के लिए एक अक्टूबर 2026 को रेफरेंस डेट माना जाएगा।
  2. जनगणना की पूरी प्रक्रिया एक मार्च 2027 तक खत्म हो जाएगी, यानी कि पूरी प्रक्रियालगभग 21 महीनों में पूरी होगी।
  3. इसके बादजनगणना का प्राइमरी डेटा मार्च 2027 में जारी होगा, जबकि डिटेल डेटा जारी होने में दिसंबर 2027 तक का वक्त लगेगा।
  4. इसके बाद लोकसभा और विधानसभा सीटों का सिलसिलेवार परिसीमन 2028 तक शुरू होगा इस दौरान महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण भी लागू किया जा सकता है। यानी 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले-पहले महिलाओं के लिए रिजर्वेशन की तस्वीर साफ हो सकती है।
  5. अब आप सोच रहे होंगे कि कैसे होती है जनगणना, तो जनगणनासे पहले प्रोफॉर्मा तैयार किया जाता है, जिसमें हाउसिंग सेंसस और पॉपुलेशन सेंसस के लिए प्रश्नावली होती है।
  6. इस बार की जनगणना मेंजाति और संप्रदाय से संबंधित सवाल भी शामिल किए जा सकते हैं। इस बार की जनगणना में करीब 34 लाख कर्मचारी हिस्सा लेंगे, जिनकी ट्रेनिंग होगी।
  7. डिजिटल गणना के लिए सॉफ्टवेयर में जाति, उप-जाति और OBC के लिए नए कॉलम और मेन्यू शामिल किए जाएंगे।
  8. हाउसिंस सेंसस के प्रोसेस के दौरान घरों की लिस्ट तैयार की जाती है और आवासीय स्थिति, सुविधाओं, और संपत्ति से संबंधित जानकारी जमा कर ली की जाती है।इस प्रकिया में पर्यवेक्षक घर-घर जाकर सवाल पूछते हैं।
  9. इस बार की जनगणना में 30 सवाल पूछे जा सकते हैं, जिनमें नाम, आयु, लिंग, जन्म तिथि, वैवाहिक स्थिति, शिक्षा, रोजगार, धर्म, जाति, और उप-संप्रदाय, परिवार के मुखिया के साथ रिश्ता, आवासीय स्थिति और प्रवास से जुड़े सवाल शामिल होंगे।

साभार : इंडिया टीवी

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