Warning: file_exists(): open_basedir restriction in effect. File(D:\wwwroot\new.matribhumisamachar.com/wp-content/themes/foxiz-child/assets/fonts/icons.woff2?ver=2.5.0) is not within the allowed path(s): (D:/wwwroot/new.matribhumisamachar.com/;C:/Windows/Temp/;C:/Temp/;D:/BtSoft/temp/session/) in D:\wwwroot\new.matribhumisamachar.com\wp-includes\link-template.php on line 4654

नीरज चोपड़ा ने 90.23 मीटर दूर भाला फेंक रिकॉर्ड के साथ डायमंड लीग में जीता सिल्वर मेडल

Saransh Kanaujia
2 Min Read

नई दिल्ली. नीरज चोपड़ा इतिहास रच दिया है. दोहा डायमंड लीग (Doha Diamond League) में नीरज चोपड़ा ने 90 मीटर से ज्यादा दूरी का भाला फेंका है. नीरज ने अपने तीसरे प्रयास में 90.23 मीटर का भाला जेवलिन थ्रो (Javelin Throw) किया. ये कारनामा करने वाले नीरज चोपड़ा दुनिया के 25वें खिलाड़ी बन गए हैं. नीरज चोपड़ा 90 मीटर से ज्यादा दूरी का भाला फेंकने वाले तीसरे एशियाई खिलाड़ी बन गए हैं. नीरज ने 90.23 मीटर के थ्रो के साथ ही अपना बेस्ट परफॉर्मेंस दिया है.

नीरज चोपड़ा ने जीता सिल्वर मेडल

नीरज चोपड़ा ने अपने करियर का बेस्ट स्कोर किया, लेकिन फिर भी भारत का ये खिलाड़ी स्वर्ण पदक से चूक गया. नीरज चोपड़ा ने डायमंड लीग में सिल्वर मेडल हासिल किया है. जर्मनी के जूलियन वेबर ने दोहा डायमंड लीग में गोल्ड मेडल हासिल किया है. जूलियन वेबर ने 91.06 मीटर दूरी का भाला फेंककर इस लीग का टॉप स्कोर बनाया. भारत के एक और खिलाड़ी किशोर जेना इस जेवलिन थ्रो इवेंट में 8वें नंबर पर रहे. किशोर ने अपना बेस्ट स्कोर 78.60 मीटर का भाला फेंककर दिया.

नीरज चोपड़ा गोल्ड से चूके

भारत के गोल्डन ब्वॉय नीरज चोपड़ा ने अपने पहले प्रयास में 88.44 मीटर का थ्रो फेंका था, लेकिन अपने तीसरे प्रयास में 90.23 मीटर का जेवलिन थ्रो फेंककर नीरज ने अपनी जीत लगभग तय कर ली थी. लेकिन जर्मनी के जूलियन वेबर ने अपने आखिरी प्रयास में 91.06 मीटर का भाला फेंका और नीरज चोपड़ा को पछाड़कर स्वर्ण पदक हासिल कर लिया. ग्रेनेडा के पीटर्स एंडरसन दोहा डायमंड लीग में तीसरे नंबर पर रहे. इस एथलीट ने 85.64 मीटर का भाला फेंका.

साभार : एबीपी न्यूज

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article