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सेल अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने कंपनी की 53वीं वार्षिक आम बैठक में दृढ़ता, परिवर्तन और भविष्य के लिए तत्परता पर किए विचार साझा

Saransh Kanaujia
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स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने चिन्मया मिशन, नई दिल्ली में अपनी 53वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) आयोजित की, जहां सेल के सीएमडी श्री अमरेंदु प्रकाश ने वर्चुअल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आयोजित बैठक में शेयरधारकों को संबोधित किया और वैश्विक चुनौतियों के बीच कंपनी के मजबूत प्रदर्शन और भविष्य के विकास के लिए इसके रणनीतिक रोडमैप को रेखांकित किया।

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अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए, श्री प्रकाश ने कहा, “इस्पात को अक्सर आधुनिक सभ्यता की रीढ़ कहा जाता है – मज़बूत, लचीला और टिकाऊ। इस्पात की तरह, हमारी कंपनी भी अग्नि-परीक्षा से गुज़री है, चुनौतियों से आकार लेती रही है और अनुभव से मज़बूत हुई है।” उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सेल 2047 तक विकसित भारत की ओर भारत की विकास यात्रा में एक साक्षी और एक भागीदार, दोनों के रूप में मज़बूती से खड़ा है।

उन्होंने बुनियादी ढाँचा, रेलवे, रक्षा, ऊर्जा आदि सहित विविध क्षेत्रों के लिए इस्पात आपूर्ति करते हुए राष्ट्र निर्माण में सेल की महत्वपूर्ण भूमिका को दोहराया। उन्होंने कहा, “सेल का इस्पात भारत की विकास गाथा के केंद्र में है।” उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय इस्पात नीति 2017 के मार्गदर्शन में, कंपनी ने अपनी यात्रा के अगले चरण की शुरुआत कर दी है, जहाँ आगामी परियोजनाएँ शुरू से ही हरित प्रौद्योगिकियों, कुशल लॉजिस्टिक्स और ग्राहक-केंद्रित समाधानों को एकीकृत करेंगी। यह यात्रा प्रौद्योगिकी, डिजिटलीकरण, सततता (Sustainability) और सबसे बढ़कर, लोगों पर आधारित होगी।

उन्होंने राष्ट्र निर्माण में सेल की महत्वपूर्ण भूमिका को दोहराते हुआ कहा सेल ने विभिन्न क्षेत्रों, जैसे अवसंरचना, रेलवे, रक्षा, ऊर्जा सहित अन्य क्षेत्रों के लिए इस्पात की आपूर्ति करता रहा है। उन्होंने कहा, “सेल का इस्पात भारत की विकास गाथा के केंद्र में है।” उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय इस्पात नीति (NSP) 2017 के मार्गदर्शन में कंपनी ने अपनी अगली यात्रा का चरण शुरू कर दिया है, जिसमें आगामी परियोजनाएं शुरुआत से ही हरित तकनीकों, कुशल लॉजिस्टिक्स और ग्राहक-केंद्रित समाधानों को एकीकृत करेंगी। यह यात्रा तकनीक, डिजिटलीकरण, सततता और सबसे महत्वपूर्ण – जनशक्ति – पर आधारित होगी।

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कंपनी की सततता (sustainability) के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए, श्री प्रकाश ने साझा किया कि सेल अपने ग्रीन स्टील यात्रा को आगे बढ़ा रहा है—जिसमें हाइड्रोजन आधारित स्टील निर्माण के परीक्षण, कार्बन कैप्चर, उपयोग और भंडारण (CCUS), बायोचार इंजेक्शन तथा नवीकरणीय ऊर्जा पहलों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा, “जलवायु परिवर्तन हमारे उद्योग के लिए एक निर्णायक चुनौती है। विश्व एक हरित परिवर्तन के मोड़ पर खड़ा है और सेल इस बदलाव की अगुवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

भविष्य के लिए तैयार संगठन के निर्माण की दिशा में, उन्होंने बताया कि दो परिवर्तनकारी कार्यक्रम शुरू किए गए हैं – प्रवर्तनम (डिजिटल परिवर्तन) और सेल दर्पण (एचआर परिवर्तन)। इनका उद्देश्य कंपनी के संयंत्रों और खदानों में एक सशक्त, आत्मनिर्भर पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) का निर्माण करना है।

अपने संबोधन के समापन में श्री प्रकाश ने कहा, “सेल आने वाले कल के लिए तैयार है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि सेल में वह दृढ़ता, क्षमता और दूरदृष्टि है, जिससे यह और अधिक सशक्त बनकर उभरेगा और नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।”

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