Warning: file_exists(): open_basedir restriction in effect. File(D:\wwwroot\new.matribhumisamachar.com/wp-content/themes/foxiz-child/assets/fonts/icons.woff2?ver=2.5.0) is not within the allowed path(s): (D:/wwwroot/new.matribhumisamachar.com/;C:/Windows/Temp/;C:/Temp/;D:/BtSoft/temp/session/) in D:\wwwroot\new.matribhumisamachar.com\wp-includes\link-template.php on line 4654

अभिनेता और फिल्ममेकर धीरज कुमार का 80 साल की उम्र में निधन

Saransh Kanaujia
3 Min Read

मुंबई. पिछले दो-तीन दिन भारतीय सिनेमा जगत के लिए बेहद बुरे रहे हैं। साउथ सुपरस्टार कोटा श्रीनिवास और बी सरोजा देवी दिग्गज फिल्म कलाकारों के निधन ने फैंस को झकझोर को रख दिया, अब इस मामले में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज अभिनेता और फिल्ममेकर धीरज कुमार का नाम भी शामिल हो रहा है, जिन्होंने 80 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया है। धीरज की निधन की खबर सामने आते ही सिनेमा जगत में शोक की लहर छा गई है। ऐसे में आइए जानते हैं कि किस कारण से उनका देहांत हुआ है।

अभिनेता धीरज कुमार का निधन

धीरज कुमार हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता, निर्माता और निर्देशक के तौर पर जाने जाते थे। बीते दिनों से उनकी तबीयत कुछ ठीक नहीं चल रही थी, जिसके चलते उनके मुंबई के कोकिलाबेन अंबानी हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। सोमवार को उनकी हालत ज्यादा बिगड़ गई और मंगलवार को उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। धीरज कुमार के निधन के सिनेमा जगत को बड़ा झटका लगा है और उनके परिवार, फैंस पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

कैसे हुई धीरज कुमार की मौत?

  • धीरज कुमार निमोनिया से पीड़ित चल रहे थे।
  • 12 जुलाई को खराब स्वास्थ्य के कारण उन्हें मुंबई को कोकिलाबेन हॉस्टिपल में एडमिट किया गया।
  • कंडीशन खराब होने के कारण वह आईसीयू (ICU) में एडमिट रहे।
  • उनके परिवार के बयान के मुताबिक 15 जुलाई को उनका देहांत हो गया।
  • आखिरी बार हाल ही में धीरज को नवी मुंबई के इस्कॉन मंदिर में स्पॉट किया गया था।

सिनेमा में धीरज का सुनहरा योगदान

  • 1970 में फिल्म दीदार से धीरज कुमार ने किया था डेब्य।
  • 15 साल के एक्टिंग करियर में उन्होंने 20 से ज्यादा मूवीज में काम किया।
  • इस दौरान वह हीरा पन्ना, रोटी कपड़ा और मकान, क्रांति जैसी कई मूवीज में नजर आए।
  • राजेश खन्ना और सुभाष के घई के साथ टैलेंट शो के फाइनलिस्ट रहे थे धीरज।
  • सिर्फ इतना ही नहीं उन्होंने 1970 से लेकर 1984 तक 21 पंजाबी मूवीज में भी अहम रोल अदा किया था।

इसके अलावा धीरज कुमार ने बतौर निर्माता और निर्देशक के रूप में भी हिंदी सिनेमा में लंबी पारी खेली। खासतौर पर 1997 में दूरदर्शन पर आए माइथोलॉजिक टीवी सीरियल ओम नम: शिवाय् के डायरेक्टर के तौर पर उन्होंने काफी लोकप्रियता हासिल की थी।

साभार : दैनिक जागरण

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article