बीएलए ने पाकिस्तानी सेना के काफिले पर हमला कर 90 जवानों को मारने का किया दावा

Saransh Kanaujia
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क्वेटा. पाकिस्तान के बलूचिस्तान में एक बार फिर पाकिस्तानी सेना के काफिले पर बड़ा हमला हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, बलूचिस्तान के नोशकी जिले में एक आत्मघाती हमले में काफिले को निशाना बनाया गया और उसके बाद भारी गोलीबारी की गई। बलूचिस्तान में ट्रेन हाईजैक करने वाले अलगाववादी सशस्त्र समूह बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। समूह ने 90 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत का दावा किया है। हालांकि, मीडिया आउटलेट खुरासान डायरी ने स्वतंत्र स्रोतों ने अब तक 7 लोगों की मौत और लगभग 35 लोगों के घायल होने की पुष्टि की है।

90 सैनिकों को मारने का दावा

बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के प्रवक्ता जीयांद बलूच ने कहा कि एक आत्मघाती हमलावर ने एक बस को निशाना बनाया और उसके बाद दूसरी बस पर गोलीबारी की। काफिले में आठ बसें थीं, जिनमें से एक आत्मघाती हमले में पूरी तरह नष्ट हो गई। प्रवक्ता ने आगे कहा कि हमले के तुरंत बाद बीएलए के फतह दस्ते ने बस को पूरी तरह से घेर लिया और उसमें मौजूद सभी सैनिकों को मार डाला। बीएलए ने दावा किया कि पूरी कार्रवाई में कुल 90 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। खुरासान डायरी ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि पाकिस्तानी सैन्य बलों के काफिले में 8 बसें और दो कारें शामिल थीं। एक पुलिस अधिकारी के हवाले से इसने बताया है कि एक बस को व्हीकल बॉर्न आईईडी से निशाना बनाया गया है, जो संभवतः एक आत्मघाती हमला है, जबकि दूसरी बस को रॉकेट से संचालित ग्रेनेड से निशाना बनाया गया। घायलों को नोशकी ले जाया गया है।

ट्रेन हाईजैक के बाद दूसरी घटना

एक सप्ताह के भीतर बलूच विद्रोहियों का ये दूसरा बड़ा हमला है। इसके पहले मंगलवार को बीएलए ने क्वेटा से पेशावर जाने वाली जाफर एक्सप्रेस ट्रेन का अपहरण कर लिया था। ट्रेन में 450 से ज्यादा यात्री सवार थे। ट्रेन पर कब्जा करने के बाद बीएलए ने बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को जाने दिया था। बुधवार की रात को पाकिस्तानी सेना ने दावा किया कि उसने सभी बंधकों को रिहा करा लिया है। इसने 33 बीएलए लड़ाकों को मारने का दावा किया, लेकिन समूह ने पाकिस्तानी सेना के दावों को झूठ बताया और कहा कि बंधक अभी भी उनके कब्जे में हैं। बाद में समूह ने दावा किया कि उसने 214 बंधकों को मार दिया जो पाकिस्तानी सेना के जवान थे। बीएलए के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि पाकिस्तानी सेना ने अपने जवानों को मरने को छोड़ दिया। समूह ने कहा कि उनके अल्टीमेटम पर पाकिस्तान ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई, जिसके बाद उन्होंने सभी सैन्य बंधकों को मार दिया।

साभार : नवभारत टाइम्स

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