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पाकिस्तान खुद का दुश्मन है और वह हर बार अपनी ही टांग खींचते हैं : मिकी आर्थर

Saransh Kanaujia
4 Min Read

इस्लामाबाद. आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की मेजबानी पाकिस्तान ने की। 29 साल बाद पाकिस्तान ने पहली बार घरेलू आईसीसी इवेंट का आयोजन किया, लेकिन टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन बेहद ही निराशाजनक रहा। पाकिस्तान की टीम टूर्नामेंट के शुरुआती 6 दिनों में ही बाहर हो गई थी। पाकिस्तान की टीम के इस खराब प्रदर्शन के बाद उनकी खूब आलोचना हो रही है। ऐसी खबरें भी आ रही है कि टीम और मैनेजमेंट के बीच सबकुछ सही नहीं हैं, जिसके बाद हर कोई उन्हें निशाने पर ले रहा हैं। इस बीच पाकिस्तान के पूर्व कोच मिकी आर्थर ने भी पाकिस्तान की पोल खोलकर रख दी हैं। उन्होंने गिलेस्पी और कर्स्टन का सपोर्ट करते हुए बयान दिया।

Mickey Arthur ने खोली पाकिस्तान की पोल, गिलेस्पी और कर्स्टन को किया सपोर्ट

दरअसल, पाकिस्तान को 2017 में चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जिताने वाले पूर्व कोच मिकी आर्थर ने कहा कि पाकिस्तान खुद का दुश्मन है और वह हर बार अपनी ही टांग खींचते हैं। कोच के रूप में गिलेस्पी का समर्थन करते हुए उनकी तारीफ की और जिन्होंने अपने काम के सिर्फ 6 महीने बाद PCB से अपना संबंध समाप्त कर लिया था। आर्थर ने कहा, “मैं इस उद्धरण को पूरी ईमानदारी से पसंद करता हूँ। जेसन गिलेस्पी एक शानदार कोच और शानदार इंसान हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बस खुद को ही नुकसान पहुंचाता रहता है। वह खुद का सबसे बड़ा दुश्मन है।”

आर्थर ने बताया कि बोर्ड के अंदर की गलत प्रबंधन ने खिलाड़ियों और बैक-रूम स्टाफ के बीच असुरक्षा का माहौल बना दिया और यह देखना उनके लिए कितनी निराशाजनक बात थी। उन्होंने talksport से बात करते हुए कहा, “बहुत सारे अच्छे खिलाड़ी हैं; उनके पास अब संसाधन हैं; इतना युवा टैलेंट है। उनके पास अद्भुत कौशल हैं। और फिर भी, सब कुछ इतना अव्यवस्थित है। यह सच में निराशाजनक है।” इससे पहले पाकिस्तान के टूर्नामेंट से जल्दी बाहर होने के बाद हेड कोच जावेद ने कहा था कि शीर्ष प्रबंधन में बहुत ज्यादा बदलावों ने टीम का मनोबल गिरा दिया, जिससे इस हाई-स्टेक टूर्नामेंट में खराब प्रदर्शन हुआ। इस पर गिलेस्पी ने उन्हें “जोकर” कहकर सबके सामने झूठ बोलने का आरोप लगाया। गिलेस्पी ने जावेद पर यह आरोप लगाया कि उन्होंने गैरी कर्स्टन और उन्हें अपने पदों से हटाने के लिए हर संभव प्रयास किया और बाद में वह खुद उस स्थान पर काबिज हो गए।

इसका समर्थन करते हुए आर्थर ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट हर संसाधन होने के बावजूद आगे नहीं बढ़ पा रहा है। उनके पास कुछ बहुत अच्छे कोच थे जो उन्हें आगे ले जा सकते थे। लेकिन फिर वह मशीन जो पाकिस्तान में काम करती है, वही लगातार कमजोर करती रहती है और एजेंडाज मीडिया में चलाए जाते हैं। यहां तो जंगल जैसा माहौल है, और मुझे गैरी और जेसन के लिए बेहद दुख हो रहा है। इसमें कोई संदेह नहीं कि उन्हें कमजोर किया गया… इसका नुकसान खिलाड़ियों को हुआ और पाकिस्तान क्रिकेट को हुआ।

साभार : दैनिक जागरण

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