निफ्ट पटना और एबीएफआरएल ने स्वयं सहायता समूह जीविका की ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

Saransh Kanaujia
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वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) पटना ने आज केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह की मौजूदगी में आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड (एबीएफआरएल) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को उद्योग कौशल प्रदान कर बिहार के बढ़ते वस्त्र क्षेत्र में रोजगार के अवसर दिलाना है, ताकि उनके जीवन में सकारात्‍मक बदलाव आए।

श्री गिरिराज सिंह ने साझेदारी के महत्व का उल्‍लेख करते हुए कहा कि निफ्ट पटना ने बेगूसराय में जीविका दीदियों के लिए पहले ही कई सफल प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए हैं, जिससे उनके सिलाई कौशल और आय क्षमता में बढ़ोतरी हुई है। उन्‍होंने कहा कि इस समझौता ज्ञापन से निफ्ट विस्तार केंद्र में प्रशिक्षित जीविका दीदियों को अब एबीएफआरएल कारखाने में नौकरियां मिल पाएगी। शुरू में, आसपास के क्षेत्र की 3.5 लाख महिलाओं को लाभ मिलेगा और भविष्य में, निकटवर्ती जिलों की महिलाओं को भी इसमें शामिल किया जाएगा।

समझौता ज्ञापन सहयोग के तहत, जीविका दीदियों के नाम से पहचाने जाने वाली स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को निफ्ट पटना में परिधान निर्माण तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण और मशीनरी संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिभागियों को बेगूसराय जिले में आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड (एबीएफआरएल) की आगामी वस्त्र निर्माण इकाई में रोजगार देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इससे इन महिलाओं के कौशल विकास से लेकर सुरक्षित आजीविका तक का सुव्यवस्थित मार्ग तैयार होगा।

जीविका दीदियां, बिहार के जीविका कार्यक्रम की रीढ़ हैं, जिसे भारत सरकार और विश्व बैंक के सहयोग से बिहार ग्रामीण आजीविका संवर्धन सोसाइटी (बीआरएलपीएस) द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में पिछले कुछ वर्षों में  1.4 करोड़ से अधिक ग्रामीण महिलाएं स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी है, जिससे उन्हें कम राशि के वित्त प्राप्त करने, घरेलू आय में वृद्धि और सामाजिक सशक्तिकरण में मदद मिली है। यह समझौता ज्ञापन जीविका दीदियों को वस्‍त्र और फैशन क्षेत्र में रोज़गार के औपचारिक अवसरों से जोड़ता है, जिससे उनकी भूमिका स्थानीय उद्यमों से विस्‍तारित होकर मुख्यधारा की औद्योगिक अर्थव्यवस्था तक पहुंचती है।

भारत की फ़ैशन और वस्‍त्र क्षेत्र की अग्रणी खुदरा कंपनियों में से एक, एबीएफआरएल के साथ साझेदारी सुनिश्चित करती है कि उसके द्वारा प्रदान किए जाने वाले कौशल आधुनिक वस्त्र उत्पादन की मांग पूरा करेगी। निफ्ट की शैक्षणिक विशेषज्ञता को एबीएफआरएल की उद्योग आवश्यकताओं से जोड़ने संबंधी यह पहल शिक्षा जगत और उद्योग के बीच सहयोग का सहक्रियात्मक मॉडल भी प्रस्‍तुत करती है। यह मॉडल पूरे भारत में  विशेषकर महिला समूह और ग्रामीण आजीविका स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ वाले राज्‍यों में भविष्य की साझेदारियों के लिए एक खाका प्रस्‍तुत करेगा।

तत्काल रोज़गार प्रदान करने के अलावा, इस कार्यक्रम से सामाजिक और आर्थिक दूरगामी परिणाम की उम्मीद है। महिलाओं को आजीविका के स्थिर साधन प्रदान कर  यह उन्‍हें अधिक वित्तीय स्वतंत्रता, घरों में निर्णय लेने की बेहतर शक्ति और सम्मान बढा़एगा। साथ ही, बेगूसराय में एबीएफआरएल की विनिर्माण इकाई की स्थापना से बिहार के औद्योगिक विकास में मदद मिलेगी,  जिससे महिलाओं के साथ ही स्थानीय स्‍तर पर कार्यबल के लिए व्‍यापक अवसर उत्‍पन्‍न होंगे।

यह समझौता ज्ञापन एक ऐतिहासिक पहल है जो समावेशी और सतत विकास लक्ष्‍य को पूरा करने के सरकार के दृष्टिकोण, शैक्षणिक विशेषज्ञता और उद्योग नेतृत्व को समेकित करता है। यह दर्शाता है कि कौशल विकास, रोज़गार आश्वासन के साथ जुड़कर, जीवन में कैसे बदलाव ला सकता है। यह विकास का ऐसा मॉडल दे सकता है, जिसे देशभर में मापा और दोहराया जा सके।

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