भारत ने खोले चिनाब नदी पर बने बगलिहार और सलाल डैम के कई गेट

Saransh Kanaujia
3 Min Read

जम्मू. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बना हुआ था. इस हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के खिलाफ कई सख्त फैसले लिए थे. इसमें सबसे ज्यादा कड़ा फैसला पानी और पाकिस्तानियों को देश छोड़ने का था. ऑपरेशन सिंदूर के बाद ये तनाव और बड़ गया. हालांकि दोनों देशों के बीच 10 मई को शाम 5 बजे सीजफायर का ऐलान किया गया. इसी बीच आज यानी कि 11 मई को चिनाब नदी पर बने बांधों का पानी भी छोड़ दिया गया.

पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था. उसने चिनाब नदी पर बने दो बांधों के जरिए पानी रोक दिया था. इसकी वजह से पाकिस्तान में चिनाब नदी का जल स्तर गिर गया और वह सूखने लगी थी. भारत की तरफ से पानी रोके जाने के बाद पाकिस्तान को इसका बड़ा नुकसान हुआ.

सूखी जगह में नजर आया पानी ही पानी

चिनाब नदी पर बने सलाल और बगलिहार डैम के गेट अब भारत ने दोनों डैम के कई गेट खोल दिए हैं. ऐसे में अब पाकिस्तान में बाढ़ आने की संभावना जताई जा रही है. भारत की तरफ से गेट खोले जाने के बाद सूखी पड़ी जगह में अब पानी ही पानी नजर आ रहा है. भारत और पाकिस्तान के बीच भले ही सीजफायर हो चुका हो लेकिन अभी सिंधु जल संधि स्थगित है.

क्यों खोले गए डैम के गेट?

भारत की ओर से पिछले हफ्ते ही चिनाब नदी के पानी को रोक दिया गया था. इसमें पहले बगलिहार डैम और फिर सलाल डैम को बंद करके पानी रोका गया था. ,ऐसा माना जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में बीते दिनों आई बारिश के बाद डैम का जलस्तर बढ़ गया था. यही कारण है कि डैम के गेट खोलने पड़े हैं. हालांकि डैम के गेट खोलने की असली वजह अब तक सामने नहीं आ पाई है.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article