यह हमारी संप्रभुता का उल्लंघन, पाकिस्तान को हवाई हमलों का अंजाम भुगतना पड़ेगा : अफगानिस्तान

Saransh Kanaujia
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काबुल. पाकिस्तान की ओर से किए गए हवाई हमलों पर अफगान तालिबान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। काबुल और पक्तिका में हमले को तालिबान ने अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। साथ ही पाकिस्तान की शहबाज सरकार और सेना प्रमुख असीम मुनीर को चेतावनी देते हुए कहा है कि इन हवाई हमलों का अंजाम आपको भुगतना पड़ेगा। पाकिस्तान ने गुरुवार रात को अफगानिस्तान में एयर स्ट्राइक की है। बताया गया है कि इन हमलों का निशाना टीटीपी प्रमुख मुफ्ती नूर वली महसूद था।

अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय की ओर से शुक्रवार शाम को बयान जारी किया गया है। इस बयान में मंत्रालय ने कहा, ‘एक बार फिर पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया है। पाक सेना ने डूरंड रेखा के पास पक्तिका प्रांत के मरघा इलाके में एक नागरिक बाजार को निशाना बनाया। इस दौरान राजधानी काबुल के हवाई क्षेत्र का भी उल्लंघन किया गया।’

इन हमलों का हिसाब होगा

तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने आगे कहा कि काबुल में हमला अफगानिस्तान और पाकिस्तान के इतिहास का अभूतपूर्व, सबसे हिंसक और बेहद निंदनीय कदम है। हम अफगानिस्तान की संप्रभुता के उल्लंघन की कड़ी निंदा करते हैं। हम यह बताना चाहते हैं कि अपने हवाई क्षेत्र की रक्षा करना हमारा वैध अधिकार है। इन हमलों के नतीजे पाक फौज को भुगतने होंगे, चाहे स्थिति कितनी भी गंभीर क्यों ना हो जाए।

पाकिस्तान की सेना ने आधिकारिक तौर पर काबुल में हमलों की पुष्टि नहीं की है। हालांकि सेना की ओर से इसे नकारा भी नहीं गया है। पेशावर में अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी ने काबुल में कल रात हुए कथित हमलों में शामिल होने से इनकार नहीं किया। चौधरी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि पाकिस्तान को अपने बचाव के लिए कार्रवाई का पूरा आधार है।

पूर्व अमेरिकी राजनयिक की चेतावनी

अफगानिस्तान मामलों के लिए अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि रहे जल्मे खलीलजाद ने पाकिस्तान के हमले को बहुत बड़ा उकसावा बताया है जो खतरनाक जोखिम पैदा करता है। खलीलजाद ने X पर एक पोस्ट में कहा कि हाल के दिनों में तालिबान के लड़ाके पाकिस्तान में सक्रिय रहे हैं और इस्लामिक स्टेट पर हमला करके उसके कई नेताओं को मार डाला है। वहीं, पाकिस्तान अफगानिस्तान में और अपने बलूच राष्ट्रवादी विद्रोह के खिलाफ लड़ने के लिए ISISI के आतंकवादियों का समर्थन करता रहा है। इसके जवाब में अफगानिस्तान में टीटीपी के प्रति नरमी बरतता है।

काबुल के आसमान में उड़ रहे ड्रोन

अमु टीवी ने स्थानीय निवासियों के हवाले से बताया सुबह के दौरान रुक-रुक कर विमानों और ड्रोन की आवाजें सुनाई दे रही थीं। ये उड़ानें गुरुवार-शुक्रवार की रात काबुल के कुछ हिस्सों में कई विस्फोटों की सूचना के बाद हुई हैं। अमु टीवी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पाकिस्तान के मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की लिस्ट में शामिल नूर वली महसूद कथित तौर पर हमले में मारा गया है।

हालांकि, न तो तालिबान और न ही पाकिस्तान की सरकार या सेना ने अभी तक इसकी पुष्टि की है। तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने नूर वली महसूद को निशाना बनाए जाने या राजधानी के ऊपर ड्रोन गतिविधि जारी रहने की खबरों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। इस हमले को 2021 में तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद से सबसे बड़े हमला माना जा रहा है, जिसमें राजधानी काबुल को निशाना बनाया गया है।

साभार : नवभारत टाइम्स

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