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केंद्रीय एमएसएमई और श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने केवीआईसी, बेंगलुरु का दौरा किया

Saransh Kanaujia
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केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) तथा श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री, सुश्री शोभा करंदलाजे ने आज केवीआईसी, बेंगलुरु का दौरा किया। मंत्री महोदया ने “विकसित भारत संकल्प यात्रा” के अनुरूप, कारीगरों/लाभार्थियों के सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

एमडीटीसी परिसर, केवीआईसी, बेंगलुरु में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुश्री शोभा करंदलाजे ने इस बात पर प्रकाश डाला कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में , पूरे भारत में खादी और ग्रामोद्योग (केवीआई) क्षेत्र ने अहम वृद्धि दर्ज की है। इसमें 1,16,599.75 करोड़ रुपये के उत्पादन के साथ  1,70,551.37 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की गई है। क्षेत्र में 1.94 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है, जो खादी और ग्रामोद्योग कारीगरों के कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

पिछले 11 वर्षों में बिक्री में 447 प्रतिशत, उत्पादन में 347 प्रतिशत और रोज़गार सृजन में 49 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस सफलता का श्रेय “मोदी की गारंटी” को दिया जा सकता हैजो कारीगरों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अटूट प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।

सुश्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि खादी उद्योग क्षेत्र का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक उद्योगों को बचाना और जनजातियों, पहाड़ी क्षेत्रों, विशेष रूप से अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और महिलाओं सहित निर्धन कारीगरों की आजीविका में सुधार लाना है। ये कारीगर एक उल्लेखनीय बदलाव का अनुभव कर रहे हैं, उनकी आजीविका और रोज़गार में वृद्धि, खादी कारीगरों के कल्याण के लिए सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य “विकसित भारत संकल्प यात्रा” के अंतर्गत आम जनता को सशक्त बनाना है।

सुश्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि खादी “आत्मनिर्भर भारत” का प्रतीक बन गई है और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र में उल्लेखनीय विकास हुआ है। केवीआईसी कर्नाटक के सुदूर क्षेत्रों में भी दीर्घकालिक रोज़गार के अवसर सृजित करने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण पर निरंतर कार्य कर रहा है। कर्नाटक में केवीआईसी इन लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्ष 2024-25 में, कर्नाटक में 208 खादी संस्थानों ने उल्लेखनीय वृद्धि हासिल की, जिसमें 535.21 करोड़ रुपये का उत्पादन और 21745 ग्रामीण कारीगरों को रोज़गार प्रदान करके 667.95 करोड़ रुपये की खुदरा बिक्री हुई।

सुश्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि पीएमईजीपी के तहत 4379 लाभार्थियों को 132.41 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी वितरित की गई जिससे कर्नाटक में 43557 रोजगार के अवसर सृजित हुए। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, केवीआईसी आत्मनिर्भर रोजगार के अवसर प्रदान करके भारतीय अर्थव्यवस्था में सक्रिय रूप से योगदान दे रहा है।”

एमएसएमई और श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024-25 के दौरान, केवीआईसी ने कर्नाटक में ग्रामोद्योग विकास योजना (जीवीवाई) के तहत विभिन्न ग्रामोद्योग क्षेत्रों जैसे हनी मिशन, सिलाई मशीन, इलेक्ट्रिक पॉटरी व्हील, स्वचालित अगरबत्ती मशीन, फुटवियर रिपेयरिंग टूल किट, फुटवियर मेकिंग मशीन, प्लंबर और इलेक्ट्रीशियन आदि के 1210 लाभार्थियों को 1916 उपकरण और उपकरण वितरित किए, ताकि उन्हें तेजी से विकास करने, गुणवत्तापूर्ण उत्पाद बनाने और उनकी स्थिरता और आकर्षक आजीविका को जारी रखने के लिए सशक्त बनाया जा सके और साथ ही मेक इन इंडिया के दृष्टिकोण को और अधिक सार्थक बनाया जा सके।

मंत्री महोदय ने इस बात पर प्रकाश डाला कि खादी के लिए प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण केवल वस्त्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों के लिए आत्मनिर्भरता का भविष्य बुनता है। पीएमईजीपी, एमएमडीए, केआरडीपी, वर्क-शेड आदि जैसी पहलों के माध्यम से, खादी न केवल फल-फूल रही है, बल्कि पर्याप्त रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण भी सृजित कर रही है। खादी के वैश्वीकरण के प्रति केवीआईसी की प्रतिबद्धता यह सुनिश्चित करती है कि राष्ट्रीय गौरव का यह प्रतीक आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उज्जवल भविष्य का सूत्रपात करता रहेगा।

मंत्री महोदय ने केवीआईसी, एनबीसीसी इंडिया के वरिष्ठ अधिकारियों और खादी संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। उन्होंने प्रशिक्षुओं से भी बातचीत की और उन्हें कौशल विकास प्रशिक्षण प्रमाणपत्र वितरित किए।

सुश्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि कावेरी जल कनेक्शन का मुद्दा बीडब्ल्यूएसएसबी, बेंगलुरु के समक्ष उठाया गया है और इसे जल्द से जल्द पूर्ण कर लिया जाएगा। सुश्री करंदलाजे ने केवीआईसी को विवादित भूमि से संबंधित मामलों को उचित न्यायालय में ले जाने और उनका शीघ्र समाधान करने का निर्देश दिया।

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