पीएनबी घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी ने प्रत्यर्पण से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट में की अपील

Saransh Kanaujia
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नई दिल्ली. भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी ने बेल्जियम की एंटवर्प कोर्ट द्वारा 17 अक्टूबर को दिए गए आदेश को वहां की सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। एंटवर्प कोर्ट ने बैंक के साथ धोखाधड़ी के मामले में चोकसी को भारत प्रत्यर्पित करने का आदेश दिया था। भारत ने उसके प्रत्यर्पण के लिए बेल्जियम सरकार से अनुरोध किया है।

एंटवर्प कोर्ट में कार्यरत लोक अभियोजक ने बताया है कि चोकसी ने 30 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट जब तक चोकसी की याचिका का निस्तारण नहीं करेगी तब तक उसके प्रत्यर्पण का आदेश निलंबित रहेगा। एंटवर्प कोर्ट में चार सदस्यीय पीठ ने चोकसी के प्रत्यर्पण की याचिका पर सुनवाई के बाद 17 अक्टूबर को आदेश दिया था।

प्रत्यर्पण की यह मांग मुंबई के विशेष न्यायालय द्वारा मई 2018 और जून 2021 में चोकसी की गिरफ्तारी के लिए जारी आदेशों को पूरा करने के लिए है। विशेष न्यायालय ने पंजाब नेशनल बैंक के साथ चोकसी और उसके रिश्तेदार नीरव मोदी द्वारा 13,000 करोड़ रुपये के घोटाले के सिलसिले में ये आदेश जारी किए हैं।

सीबीआइ के आरोप पत्र के अनुसार इनमें 6,400 करोड़ रुपये चोकसी ने घोटाला कर देश से बाहर भेजे थे। मामला खुलने पर चोकसी भारत से फरार हो गया था। इसके बाद उसे जनवरी 2018 में एंटीगुआ और बारबूडा में देखा गया था। भारत द्वारा प्रत्यर्पण की कोशिश तेज किए जाने पर वह भागकर बेल्जियम पहुंच गया है। जबकि नीरव मोदी गिरफ्तारी के बाद कई वर्षों से लंदन की जेल में बंद है। उसके प्रत्यर्पण का मामला भी चल रहा है।

साभार : दैनिक जागरण

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