Warning: file_exists(): open_basedir restriction in effect. File(D:\wwwroot\new.matribhumisamachar.com/wp-content/themes/foxiz-child/assets/fonts/icons.woff2?ver=2.5.0) is not within the allowed path(s): (D:/wwwroot/new.matribhumisamachar.com/;C:/Windows/Temp/;C:/Temp/;D:/BtSoft/temp/session/) in D:\wwwroot\new.matribhumisamachar.com\wp-includes\link-template.php on line 4654

इजरायल ने 45 फलस्तीनियों और हमास ने 3 बंधकों के शव लौटाए, अभी भी युद्धविराम जारी

Saransh Kanaujia
3 Min Read

येरुशुलम. इजराइल ने गाजा को 45 फिलिस्तीनी शव सौंपे हैं. हमास ने एक दिन पहले तीन इजराइली सैनिकों की अस्थियां लौटाई थीं. इजराइली अधिकारियों ने बताया कि इन तीनों सैनिकों की मौत 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले में हुई थी.यह अदला-बदली अमेरिका की मध्यस्थता में 10 अक्टूबर को हुए युद्धविराम के तहत हो रही है.

सिर्फ 75 शवों की पहचान हुई

गाजा में सिर्फ 75 शवों की ही पहचान हो पाई है. DNA टेस्टिंग किट की कमी और युद्ध में तबाह हो चुके अस्पतालों और शवों की बुरी हालत की वजह से शवों की पहचान में मुश्किल हो रही है. इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि तीन लौटाए गए सैनिकों की पहचान हुई है. ओमर नयुट्रा (अमेरिकी‑इजराइली), ओज डैनियल (स्टाफ सर्जेंट) और अस्साफ हमामी (कर्नल).

युद्ध में 70 हजार मौतें

इजराइल-हमास जंग 7 अक्टूबर को शुरू हुआ था, जब हमास के लड़ाकों ने इजराइली नागरिकों पर हमला किया और उन्हें बंधक बना लिया. उस हमले में करीब 1,200 लोग मारे गए और 251 को बंधक बनाया गया.

वहीं गाजा की हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक, इजराइली हमले में अब तक 68,000 से ज्यादा फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है. हालांकि इजराइल इस संख्या को स्वीकार नहीं करता. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पीस प्लान के तहत इजराइल-हमास के बीच 10 अक्टूबर से सीजफायर लागू है.

गाजा में शवों की खोज जारी

मिस्र ने विशेषज्ञों की एक टीम गाजा भेजी है, ताकि लापता बंधकों के शवों की खोज की जा सके. यह काम खान यूनुस क्षेत्र में चल रहा है. युद्धविराम के पहले दिन हमास ने आखिरी 20 जीवित बंधकों को रिहा किया. बदले में इजराइल ने लगभग 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ा. इनमें से 250 कैदी ऐसे थे जिन्हें इजराइल पर हुए घातक हमलों के लिए सजा मिली थी.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

‘गांधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ पुस्तक के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें :

https://new.matribhumisamachar.com/2025/12/10/86283/

आप इस ई-बुक को पढ़ने के लिए निम्न लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं:

https://www.amazon.in/dp/B0FTMKHGV6

यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

Related Post

Share This Article