अफ्रीकी देश ट्यूनिशिया में फंसे झारखंड के 48 मजदूरों के वतन वापसी का रास्ता हुआ साफ

Saransh Kanaujia
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कोडरमा. अफ्रीकी देश ट्यूनीशिया में फंसे झारखंड के गिरिडीह, हजारीबाग और बोकारो के 48 मजदूरों की वतन वापसी का रास्ता साफ हो गया है। 4 नवंबर को सभी 48 मजदूर ट्यूनीशिया से फ्लाइट पकड़ेंगे और 5 नवंबर को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस एयरपोर्ट पर उतरेंगे। दरअसल यह सभी मजदूर निजी प्रेम कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करने के लिए ट्यूनीसिया गए थे, लेकिन इन मजदूरों को पिछले तीन-चार महीने से न तो वेतन दिया जा रहा था और ना ही किसी तरह की सुविधा दी जा रही थी।

बहरहाल, इन मजदूरों ने 30 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी करते हुए ट्यूनीशिया में फंसे होने की बात बताई और सरकार से मदद की गुहार लगाई थी, जिसके बाद सरकार हरकत में आई और मजदूरों को स्वदेश वापस भेजने की प्रक्रिया तेज की गई। प्रेम कंस्ट्रक्शन कंपनी एल एंड टी कम्पनी के अधीन काम करती है। एल एंड टी कंपनी की ओर से सभी 48 मजदूरों के फ्लाइट के टिकट बुक कर दिए गए हैं और उन्हें वेतन का भुगतान भी किया गया है। इसके अलावे एल एंड टी कंपनी के अधिकारियों ने प्रेम कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक को भी जमकर फटकार भी लगाई।

ट्यूनीशिया में फंसे मजदूरों के वतन वापसी का रास्ता साफ होने के बाद सभी मजदूरों ने एक लिखित संदेश को वीडियो के माध्यम से जारी करते हुए एल एंड टी कंपनी के अधिकारी और सरकार का आभार जताते हुए वतन वापसी को लेकर खुशी जाहिर की है। ट्यूनीशिया में 19 मजदूर हजारीबाग के, 14 मजदूर गिरिडीह के और 15 मजदूर बोकारो जिले के रहने वाले हैं। सभी मजदूर जुलाई के महीने में काम करने के लिए अफ्रीकी देश ट्यूनीशिए गए थे।

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