मायावती आंबेडकर मुद्दे पर 24 दिसंबर को पूरे देश में करेगी आंदोलन

Saransh Kanaujia
4 Min Read

नई दिल्ली. बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा बाबा साहब अंबेडकर पर की गई टिप्पणी के खिलाफ 24 दिसंबर को देशव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया है। एक्स पर की गई पोस्ट में मायावती ने कहा कि शाह की टिप्पणी से लोगों के दिलों को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा, देश के दलितों, वंचितों और अन्य उपेक्षित लोगों के आत्मसम्मान और मानवाधिकारों के लिए अतिमानवीय और कल्याणकारी संविधान के रूप में मूल पुस्तक के रचयिता बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर भगवान के समान पूजनीय हैं। अमित शाह द्वारा उनका अनादर करना लोगों के दिलों को ठेस पहुंचाता है। उन्होंने मांग की कि गृह मंत्री अपना बयान वापस लें।

सभी वर्ग के लोगों में आक्रोश

मायावती ने कहा, ऐसे महापुरुष के बारे में संसद में उनके द्वारा कहे गए शब्दों से देश के सभी वर्गों के लोग काफी आक्रोशित व आक्रोशित हैं। अंबेडकरवादी बसपा ने उनसे अपने बयान को वापस लेने व पश्चाताप करने की मांग की है, जिस पर अब तक अमल नहीं हुआ है। ऐसे में अगर मांग पूरी नहीं हुई तो बसपा ने देशभर में आवाज उठाने की बात कही है। इसीलिए अब पार्टी ने इस मांग के समर्थन में 24 दिसंबर को देशव्यापी आंदोलन करने का निर्णय लिया है। उस दिन देश के सभी जिला मुख्यालयों पर पूरी तरह शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

जीवन भर किया आंबेडकर ने बहुजनों के लिए संघर्ष

बसपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी बाबा साहब अंबेडकर को समर्पित है, जिन्होंने वंचितों/बहुजनों को अपने पैरों पर खड़ा करने व स्वाभिमान के साथ जीने के लिए जीवन भर संघर्ष किया तथा उन्हें आरक्षण समेत कई कानूनी अधिकार दिलाए। उन्होंने कहा, इसलिए अगर कांग्रेस, भाजपा आदि दल बाबा साहब का दिल से सम्मान नहीं कर सकते तो उनका अनादर भी नहीं करना चाहिए। जिस दिन बाबा साहब की वजह से एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग को संविधान में कानूनी अधिकार मिले, उसी दिन उन्हें सात जन्मों के लिए स्वर्ग भी मिल गया।

अमित शाह ने ये कहा था

शाह ने बुधवार को कथित तौर पर राज्यसभा में कहा, अगर उन्होंने (विपक्ष ने) अंबेडकर की जगह इतनी बार भगवान का नाम लिया होता, तो उन्हें सात जन्मों के लिए स्वर्ग मिल गया होता। गुरुवार को राहुल गांधी और इंडिया एलायंस के अन्य सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और पूर्व कानून मंत्री बीआर अंबेडकर पर केंद्रीय गृह मंत्री की टिप्पणी के लिए माफी मांगने और इस्तीफे की मांग की। इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया, जब दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हुई, जिसमें दो भाजपा सांसद घायल हो गए। संसद परिसर में हाथापाई के दौरान भाजपा के दो सांसद प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत के सिर में चोट लग गई। दोनों दलों ने आरोप लगाया है कि उनके पार्टी सदस्यों के साथ धक्का-मुक्की की गई। इसके अलावा, इस घटना के संबंध में दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

साभार : दैनिक जागरण

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article