डॉ. सौरभ ने सपा सांसद राजीव राय के खिलाफ दर्ज कराई एफआईआर

Saransh Kanaujia
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मऊ में सांसद बनाम डॉक्टर का मामला गरमाता जा रहा है। घोसी से सपा सांसद राजीव राय और ईएनटी डॉक्टर सौरभ त्रिपाठी की बीच हुई जुबानी जंग ने अब कानूनी रूप ले लिया है। डॉ. सौरभ ने सांसद के खिलाफ केस दर्ज करा दिया है। दरअसल, पिछले 16 अक्टूबर को घोसी लोकसभा के सांसद राजीव राय जनता की शिकायत पर हो रही असुविधाओं की जांच करने सदर अस्पताल पहुंचे थे। सांसद राजीव राय और ईएनटी डॉक्टर सौरभ त्रिपाठी के बीच वहां तीखी नोंक-झोंक हो गई। डॉक्टर और सांसद के बीच आरोप और प्रत्यारोप का दौर भी लंबा चला था।

इस दौरान एक तरफ जहां डॉ. सौरभ त्रिपाठी ने घोसी सांसद को अस्पताल में राजनीति न करने की नसीहत दे डाली। वहीं, दूसरी तरफ स्थानीय सांसद राजीव राय भी इस बात की हूल देते नजर आए कि तुम्हारे उम्र के विद्यार्थी हैं मेरे। यूं तो यह जंग जनता की शिकायत पर शुरू हुई, लेकिन अब इस जुबानी जंग ने कानूनी रूप ले लिया है।

सांसद के खिलाफ एफआईआर

सदर अस्पताल प्रशासन की तरफ से सीएमएस, मऊ ने ईएनटी डॉक्टर सौरभ त्रिपाठी को सांसद के साथ अभद्रता के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया। वहीं, डॉ. सौरभ त्रिपाठी सरायलखंसी थाने जा पहुंचे। वहां सौरभ त्रिपाठी ने स्थानीय सांसद राजीव राय पर यह आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया कि सांसद और उनके साथ मौजूद लोगों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। साथ ही, डॉक्टर ने यह भी आरोप लगाया कि सांसद और उनके लोगों ने सरकारी काम में बाधा के साथ जांच के लिए प्रयुक्त उपकरण को भी तोड़ने का प्रयास किया। डॉक्टर ने इस मामले में स्थानीय सांसद और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ सरायलखंसी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

विवादों से रहा है नाता

जनता की शिकायत पर पहुंचे स्थानीय सांसद के खिलाफ भले ही मामला दर्ज हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉक्टर का व्यवहार मरीजों के प्रति सदैव नर्म रहता है, लेकिन सौरभ त्रिपाठी का व्यवहार ठीक इसके उलट है। स्थानीय पत्रकार का कहना है कि कुछ दिन पहले वे एक करीबी के साथ डॉक्टर के पास गए थे। वहां किसी बात को लेकर उनकी भी डॉक्टर से झड़प हो गई। डॉक्टर ने उन्हें हेलमेट मारकर भगाया था। यह मामला काफी दिन तक सुर्खियों में था।

साभार : नवभारत टाइम्स

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