अमेरिका के भावी राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रंप ने भारत पर अधिक टैरिफ लगाने की दी धमकी

Saransh Kanaujia
3 Min Read

वाशिंगटन. जल्द ही अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने जा रहे डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर टैरिफ की धमकी दी है। ट्रंप ने भारत पर रेसिप्रोकल टैक्स लगाने की धमकी दी है। उनका कहना है कि भारत अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर जितना टैक्स लगाता है, उतना ही हम भी भारतीय प्रोडक्ट्स पर लगाएंगे। ट्रंप काफी समय से भारत द्वारा कुछ अमेरिकी प्रोडक्ट्स के आयात पर “हाई टैरिफ” लगाने का विरोध करते आ रहे हैं। वे इसके जवाब में रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की बात कहते हैं।

ट्रंप ने क्या कहा?

मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘अगर वे हम पर उच्च टैरिफ लगाते हैं, तो हम भी उन पर लगाएंगे। वे हम पर टैक्स लगाते हैं, हम उन पर लगाएंगे। वे हम पर लगभग सभी मामलों में टैक्स लगाते हैं, वे हम पर टैक्स लगा रहे हैं और हम उन पर टैक्स नहीं लगाते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘अगर भारत हम पर 100 फीसदी टैक्स लगाता है, तो क्या हम उन पर कुछ भी टैक्स न लगाएं?’ ट्रंप ने कहा कि भारत और ब्राजील उन देशों में से हैं, जो कुछ अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर हाई टैरिफ लगाते हैं। ट्रंप ने कहा, ‘अगर वे हम पर टैक्स लगाते हैं तो ठीक है, लेकिन हम भी उन पर उतना ही टैक्स लगाने जा रहे हैं।’

ट्रंप के कॉमर्स सेक्रेट्री ने किया समर्थन

डोनाल्ड ट्रंप की बातों का अगले कॉमर्स सेक्रेट्री हावर्ड लुटनिक ने सपोर्ट किया है। उन्होंने कहा, ‘रिसिप्रोसिटी ट्रंप सरकार में एक महत्वपूर्ण टॉपिक होगा। आप हमारे साथ जैसा व्यवहार करेंगे, आपको भी वैसे ही व्यवहार की उम्मीद करनी चाहिए।’ लुटनिक ने कहा कि जो जैसा करेगा, उसके साथ वैसा ही किया जाएगा।

पहले यह दी थी धमकी

हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वे ब्रिक्स करेंसी अपनाने वाले देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाएंगे। साल 2009 में गठित ब्रिक्स एकमात्र ऐसा प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समूह है, जिसका अमेरिका हिस्सा नहीं है। इसके अन्य सदस्य दक्षिण अफ्रीका, ईरान, मिस्र, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) हैं। पिछले कुछ वर्षों में इसके कुछ सदस्य देश, विशेष रूप से रूस और चीन, अमेरिकी डॉलर का विकल्प तलाश रहे हैं या अपनी खुद की ब्रिक्स मुद्रा बना रहे हैं। ट्रंप ने ब्रिक्स देशों को इस तरह के कदम के खिलाफ चेतावनी दी थी।

साभार : इंडिया टीवी

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article