इजरायल से डरा हिजबुल्लाह अब चाहता है युद्धविराम

Saransh Kanaujia
2 Min Read

गाजा. अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने मंगलवार को एक ब्रीफिंग में कहा, हिजबुल्लाह के मंगलवार को युद्धविराम के आह्वान से पता चलता है कि आतंकवादी समूह बैकफुट पर है और पस्त हो रहा है. वहीं हिजबुल्लाह के उपनेता नईम कासिम कहा कि हमारे समूह की क्षमताएं बरकरार हैं. नईम कासिम ने कहा कि हाल के हफ्तों में इजरायल के दर्दनाक प्रहार के बावजूद इजरायली जमीनी घुसपैठ को पीछे धकेल रहे हैं. कासिम ने युद्धविराम सुनिश्चित करने के लिए हिजबुल्लाह के सहयोगी, लेबनान के संसद अध्यक्ष नबीह बेरी के प्रयासों का समर्थन किया.

हिजबुल्लाह के बदले सुर

एक साल तक, दुनिया इस युद्धविराम की मांग कर रही थी, हिजबुल्लाह इस पर सहमत होने से इनकार कर रहा था, और अब जब वह बैकफुट पर है और पस्त हो रहा है, तो अचानक उन्होंने अपना सुर बदल लिया है और युद्धविराम चाहते हैं. मिलर ने कहा कि हम अंततः इस संघर्ष का कूटनीतिक समाधान चाहते हैं.

लेबनान में नए राष्ट्रपति का चुनाव

यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका लेबनान में नए राष्ट्रपति को चुनने के प्रयासों के बारे में बेरी से बात कर रहा है, मिलर ने कहा कि अमेरिकी अधिकारी अक्सर मध्यस्थों के माध्यम से लेबनान के अंदर विभिन्न खिलाड़ियों के साथ बातचीत कर रहे थे.

नए सिरे से प्रयास के लिए प्रेरित

लेबनान में हिजबुल्लाह के ख़िलाफ इजरायल के हमले ने कुछ लेबनानी राजनेताओं को दो साल के राष्ट्रपति पद के रिक्त स्थान को भरने के लिए नए सिरे से प्रयास करने के लिए प्रेरित किया है, जो बढ़ते संघर्ष से जूझ रहे निष्क्रिय राज्य को पुनर्जीवित करने का एक प्रयास है.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article