सपा ने कांग्रेस को किनारे कर उ.प्र. विधानसभा उपचुनाव के लिए 6 प्रत्याशियों की घोषणा

Saransh Kanaujia
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लखनऊ. हरियाणा विधानसभा चुनाव परिणाम आने के ठीक बाद समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश की 10 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए प्रत्याशियों के नामों की घोषणा शुरू कर दी है. समाजवादी पार्टी ने 10 सीटों में से 6 प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है. इनमें अयोध्या की मिल्कीपुर, कानपुर की सीसामऊ, मिर्जापुर की मंझवा, प्रयागराज की फूलपुर, अंबेडकरनगर की कटेहरी और मैनपुरी की करहल सीट शामिल है. समाजवादी पार्टी ने मिल्कीपुर से अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद को प्रत्याशी बनाया है. जबकि अखिलेश यादव के इस्तीफे के बाद खाली हुई करहल सीट से भतीजे तेज प्रताप यादव को टिकट मिला है. इसके अलावा कानपुर की सीसामऊ सीट से जेल में बंद पूर्व विधायक की पत्नी नसीम सोलंकी को टिकट दिया गया है. अंबेडकरनगर की कटेहरी से शोभावती वर्मा और मिर्जापुर की मंझवा सीट से डॉ ज्योति बिंद को प्रत्याशी बनाया है.

कांग्रेस को झटका

जानकारी के मुताबिक बाकी की 4 सीटों पर भी पार्टी जल्द फैसला ले सकती हैं. अब देखना दिलचस्प होगा कि शह बची चार सीटों में से कांग्रेस के खाते में कितनी जाती है. कांग्रेस की तरफ से पांच सीटों की डिमांड की जा रही है, लेकिन हरियाणा चुनाव में हार के बाद अब उसकी यह डिमांड पूरी होती नहीं दिख रही. जानकारों के मुताबिक अखिलेश यादव संभल की कुंदरकी और मुजफ्फरनगर की मीरापुर सीट भी प्रत्याशी की घोषणा जल्द करेंगे. इन दोनों सीटों पर संभावित प्रत्याशियों को तैयारी शुरू करने को कहा गया है. समाजवादी पार्टी गाजियाबाद और खैर सीट कांग्रेस को गठबंधन के नाते दे सकती है. इन दोनों ही सीटों पर बीजेपी ने 2022 में जीत हासिल की थी. हालांकि कांग्रेस फूलपुर और मंझवा सीट पर दावेदारी कर रही थी.

सपा तोड़ती रही है गठबंधन:  बीजेपी

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अमीक जामेई ने गठबंधन और प्रत्याशियों के ऐलान पर कहा कि लगातार अखिलेश यादव ने सभी सीट पर चर्चा की और आज 6 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया. PDA फार्मूला के तहत टिकट दिया गया. सपा और कांग्रेस यानी अखिलेश और राहुल में सब ठीक है. मीडिया को इस पर कुछ बोलना या चिंता करने की बात नहीं है, बाक़ी सीट भी है. हम लोकसभा की तरह प्रदर्शन करेंगे. उधर बीजेपी ने भी पालटवर किया। प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि समाजवादी पार्टी जिसके साथ भी एक बार गठबंधन करती है, अगले चुनाव में गठबंधन तोड़ देती है. फूलपुर और मझवा विधानसभा चुनाव में अपने प्रत्याशी की घोषणा कर दी. ये साफ़ है कि कांग्रेस सपा का गठबंधन चलने वाला नहीं है.

साभार : न्यूज़18

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