इजरायल की मदद के लिए अमेरिका पूरे पश्चिम एशिया में तैनात कर रहा है युद्धपोत और लड़ाकू विमान

Saransh Kanaujia
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वाशिंगटन. इजरायल-ईरान युद्ध की आशंका को लेकर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के मद्देनजर अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है। इजरायल का साथ देने के लिए अमेरिका ने समूचे पश्चिम एशिया में लड़ाकू विमानों का दस्ता और विमान वाहक पोत तैनात करने का फैसला किया है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन ने यह जानकारी दी। पेंटागन ने बताया कि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने ईरान और उसके सहयोगियों के संभावित हमलों से इजरायल की रक्षा करने और अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पश्चिम एशिया में सैन्य उपस्थिति बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके तहत अमेरिकी लड़ाकू विमानों और युद्ध पोत के दस्ते ने इजरायल के चारों ओर उसकी रक्षा के लिए घेरा बनाना शुरू कर दिया है।

पेंटागन ने एक बयान में कहा कि रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने यूरोप और पश्चिम एशिया के क्षेत्रों में अतिरिक्त बैलिस्टिक मिसाइल से लैस जहाज और विध्वंसक पोत तैनात करने का भी आदेश दिया है। इसके अलावा, ऑस्टिन वहां जमीन से वार करने वाली अतिरिक्त बैलिस्टिक मिसाइल भेजने की दिशा में भी कदम उठा रहे हैं। अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ाने का फैसला ऐसे समय में किया है, जब अमेरिकी नेताओं ने यह चिंता जताई है कि इजराइल के हालिया हमलों में हमास और हिजबुल्लाह के शीर्ष कमांडरों के मारे जाने के कारण क्षेत्र में हिंसा बढ़ सकती है, क्योंकि दोनों उग्रवादी समूहों के अलावा ईरान ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है।

बाइडेन ने किया नेतन्याहू को फोन

व्हाइट हाउस के अनुसार, बाइडेन ने बृहस्पतिवार दोपहर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन कर उनके देश को बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन के संभावित हमलों से बचाने के लिए क्षेत्र में अमेरिका की सैन्य उपस्थिति बढ़ाने पर चर्चा की। अप्रैल में अमेरिकी बलों ने ईरान द्वारा इजरायल की तरफ दागी गई दर्जनों मिसाइल और ड्रोन का पता लगाकर उनके हमलों को नाकाम किया था। बुधवार को तेहरान में हमास नेता इस्माइल हानिया और मंगलवार को बेरूत में हिजबुल्लाह कमांडर फौद शुकुर की हत्या के बाद क्षेत्र में जारी तनाव के युद्ध में तब्दील होने का खतरा बढ़ गया है।

ईरान ने दी है इजरायल से बदला लेने की धमकी

हमास चीफ इस्माइल हानिया उर्फ हनियेह की हत्या से बौखलाए ईरान ने अपने क्षेत्र में हुए हमले का करारा जवाब देने की इजरायल को धमकी दी है। ऐसे में अमेरिका ने नेतन्याहू को पूरी मदद का भरोसा दिया है। इजरायल ने पिछले साल सात अक्टूबर को हमास द्वारा उसके क्षेत्र में किए गए अप्रत्याशित हमले के बाद समूह के नेताओं को मार गिराने का संकल्प लिया है। ऑस्टिन ने यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत को पश्चिम एशिया में तैनात करने का फैसला लिया है। यह पोत ओमान की खाड़ी में मौजूद यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट की जगह लेगा। पेंटागन ने यह नहीं बताया कि लड़ाकू विमानों का दस्ता कहां से आएगा और इसे पश्चिम एशिया के किस हिस्से में तैनात किया जाएगा।

साभार : इंडिया टीवी

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