संजय सिंह को मिली जमानत, लेकिन पासपोर्ट जमा, दिल्ली छोड़ने से पहले देनी होगी जानकारी

Saransh Kanaujia
3 Min Read

नई दिल्ली. आम आमदी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सर्वोच्च न्यायालय ने संजय सिंह को शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दे दी है. AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह तकरीबन 6 महीने से जेल में थे. बुधवार को AAP नेता की जमानत का ED ने विरोध नहीं किया. इसके बाद कोर्ट ने उन्हें राहत दे दी. सुप्रीम कोर्ट से बेल मिलने के बाद संजय सिंह (Sanjay Singh News) को ट्रायल कोर्ट से भी बेल मिल गई है. कोर्ट ने संजय सिंह को 2 लाख रुपये के बेल बॉन्ड और इतनी ही राशि के निजी मुचलके पर रिहाई का आदेश जारी किया है.

जमानत की हैं कई शर्तें

AAP नेता संजय सिंह ने संजय सिंह की जमानत के लिए कई शर्तें भी तय की हैं. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने भी उनके लिए एक शर्त रखी थी. कोर्ट ने संजय सिंह को अपना पासपोर्ट जमा करने के लिए भी कहा गया है. इसके साथ-साथ उन्हें दिल्ली-NCR से बाहर जाने की भी जानकारी देनी होगी. साथ ही संजय सिंह को शराब घोटाले (What Liquor Policy Case) से जुड़े मामले में बयानबाजी करने पर भी रोक लगाई गई है.

कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता को निर्देश दिया कि वह आबकारी ‘घोटाला’ मामले में सबूतों के साथ छेड़छाड़ न करें या गवाहों को प्रभावित न करें. सुप्रीम कोर्ट से सिंह को मंगलवार को जमानत मिलने के बाद विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने नेता को तिहाड़ केंद्रीय कारागार से रिहा करने का आदेश पारित करने से पहले ये निर्देश दिये.

लोकेशन भी रखना होगा ऑन

कोर्ट ने संजय सिंह को अपने फोन की ‘लोकेशन’ भी हमेशा चालू रखने का भी निर्देश दिया. संजय सिंह के वकील ने संक्षिप्त सुनवाई के दौरान अदालत को सूचित किया कि नेता की पत्नी इस मामले में आरोपी की जमानतदार होंगी.वकील ने अदालत से कहा, ‘मैं (सिंह) संसद का सदस्य हूं. मेरे भागने का कोई जोखिम नहीं है.’ न्यायाधीश ने आरोपी को 2 लाख रुपये का निजी मुचलका और इतनी ही राशि की जमानत राशि जमा करने का निर्देश दिया.

साभार : इंडिया न्यूज पोर्टल

भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

https://www.amazon.in/dp/9392581181/

https://www.flipkart.com/bharat-1857-se-1957-itihas-par-ek-drishti/p/itmcae8defbfefaf?pid=9789392581182

Related Post

Share This Article