हमारे परिवार की तरह है सेना का हर जवान : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

Saransh Kanaujia
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जम्मू. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज जम्मू कश्मीर के दौरे पर हैं। पुंछ में हुए आतंकवादी हमले के मद्देनजर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने के लिए राजनाथ सिंह राजौरी भी पहुंचे। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद का अंत होना चाहिए, आतंकवाद को खत्म करने की प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि हमारे लिए हर सैनिक बेहद महत्वपूर्ण है, हमारा हर एक सैनिक परिवार के सदस्य के समान है। आपके ऊपर कोई नजर डाले यह हमें कतई बर्दाश्त नहीं है। इस प्रकार की घटनाओं को रोकने में सिक्योरिटी और इंटेलिजेंस एजेंसी दोनों महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके लिए शासन की तरफ से जिस भी सहयोग की आवश्यकता होगी उसके लिए सरकार का खजाना खुला हुआ है।

उन्होंने कहा कि हमारी सेना पहले से ज्यादा सशक्त है। सरकार हर हाल में आप के साथ है। शहीदों को भुलाया नहीं जा सकता। सेना का हर जवान हमारे परिवार की तरह है। सारे देशवासियों के अंदर ये भावना रहती है। जंग के साथ हमें जंग के साथ लोगों का दिल भी जीतना है। मैं सेना के घायल जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करूंगा, उनमें से प्रत्येक हमारे लिए महत्वपूर्ण है।

‘हमे और सजग रहने की आवश्यकता’
राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं आपको आश्वसत करना चाहता हूं इस घटना की गंभीरता को देखते हुए जो भी उचित कदम होगा वो उठाया जाएगा। इस प्रकार की घटना को टेकन फॉर ग्रांटेड नहीं ले सकते। हमे और सजग रहने की आवश्यकता है। मातृभूमि के लिए आपका जो बलिदान है उसकी किसी से तुलना नहीं की जा सकती है। इसकी कोई कीमत नहीं चुका जा सकती है। मैं आपको विश्वास दिलाने चाहता हूं सरकार आपके साथ खड़ी है। हम आप लोगों की सुविधा को सबसे ऊपर रखते हैं।

पुंछ आतंकी हमले में शहीद हुए थे चार जवान
बता दें कि पुंछ में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले में चार सैनिकों के वीरगति को प्राप्त होने के मद्देनजर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह यहां पहुंचे। पुंछ के बफलियाज में 21 दिसंबर को ढेरा की गली और धत्यार मोड़ के बीच घात लगाकर किए गए हमले के बाद क्षेत्र में आतंकवाद निरोधक अभियान जारी है। क्षेत्र में जारी आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान 22 दिसंबर को तीन लोग मृत पाये गये थे जिनकी उम्र 27 से 42 वर्ष के बीच थी। इसके बाद यह आरोप लगने से लोगों में आक्रोश फैल गया कि उन्हें आतंकवादी हमले के बाद पूछताछ के लिए सेना ने उठाया था।

साभार : नवभारत टाइम्स

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