जब तक हमें जीत नहीं मिल जाती तब तक हमारी सेना लड़ती रहेगी : इजरायल

Saransh Kanaujia
3 Min Read

गाजा. इजरायल और हमास के बीच लंबे समय से युद्ध जारी है। इस बीच इजरायल की मीडिया ने बताया कि इजरायली रक्षा मंत्री ने कसम खाई है कि वे इजरायली सेना जल्द ही गाजा के हमास प्रमुख याह्या सिनवार तक पहुंचेगी और उसकी जान ले लेगी। बता दें, इस युद्ध में अब त 10 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई है। इजरायल की सेना जीतने के लिए लड़ रही है और जब तक हमें जीत नहीं मिल जाती तब तक हमारी सेना लड़ती रहेगी।

हमारे सैनिक सब कुछ करने को तैयार
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने बताया कि मैंने उत्तरी और दक्षिणी सीमाओं का दौरा किया। यहां तैनात रिजर्व सैनिकों ने बताया कि वे जीत तक लड़ने के लिए तैयार हैं। जब तक उन्हें जीत नहीं मिल जाती वे लड़ते रहेंगे। अब चाहे जीत में एक साल ही क्यों न लग जाए, हमारे सैनिक लड़ेगें। गैलेंट ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारे पास ऐसे लड़ाके हैं, जो सब कुछ करने के लिए तैयार हैं। हमारे देश की आबादी की विशेषता है कि वे दृढ़ संकल्पित हैं।

हमास के कमांडरों को मार डाला
गैलेंट ने आगे कहा कि इजरायली सेना चौकियों और सुरंगों में आतंकवादियों से लड़ रही है। हम उनके बंकरों और सुरंगों सहित बहुत सारी चीजें नष्ट कर रहे हैं। लड़ाई कदम दर कदम बढ़ रही है। आतंकवदियों को गोलियों से भूना जा रहा है। हमास के 12 बटालियन कमांडरों को मार चुके हैं। हमास आतंकी है, उनकी कोई सीमा नहीं है। हमास क्रूर है।

हमले के यह तीन कारण
हमास ने कहा कि ये यरूशलम में अल-अक्सा मस्जिद को इजरायल की तरफ से अपवित्र करने का बदला है। हमास ने कहा कि इजरायली पुलिस ने अप्रैल 2023 में अल-अक्सा मस्जिद में ग्रेनेड फेंक इसे अपवित्र किया था। इजरायली सेना लगातार हमास के ठिकानों पर हमले कर रही है और अतिक्रमण कर रही है। इजरायली सेना हमारी महिलाओं पर हमले कर रही है। हमास के प्रवक्ता गाजी हमाद ने अरब देशों से अपील है कि इजरायल के साथ अपने सभी रिश्तों को तोड़ दें। हमाद ने कहा कि इजरायल एक अच्छा पड़ोसी और शांत देश कभी नहीं हो सकता है।

साभार : अमर उजाला

भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

https://www।amazon।in/dp/9392581181/

https://www।flipkart।com/bharat-1857-se-1957-itihas-par-ek-drishti/p/itmcae8defbfefaf?pid=9789392581182

Related Post

Share This Article